लेह। लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने कहा कि सिंधु नदी और उसकी सहायक नदियों के किनारे बनाए गए अभिनव रॉक चेक डैम की पायलट परियोजना के उत्साहजनक परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि ये संरचनाएं क्षेत्र में जल सुरक्षा और कृषि स्थिरता में योगदान दे सकती हैं।
27 मई से शुरू होकर चार महीने के भीतर पांच किफायती और पर्यावरण-अनुकूल चेक डैम बनाए गए। इनके निर्माण में स्थानीय स्तर पर उपलब्ध नदी तल के पत्थरों का उपयोग किया गया और सीमेंट, कंक्रीट या स्टील का इस्तेमाल नहीं किया गया।
एलजी सक्सेना ने कहा कि इन संरचनाओं ने गर्मियों के चरम मौसम के दौरान 200 क्यूसेक से अधिक जल प्रवाह को सफलतापूर्वक झेला। हाल में किए गए इंजीनियरिंग निरीक्षण में पाया गया कि चार डैम पूरी तरह सुरक्षित हैं, जबकि लेह के पास उपशी में बने पहले डैम में मामूली क्षति हुई है, जिसकी मरम्मत की जा रही है।
निरीक्षण के दौरान डैम के ऊपरी हिस्से में बहकर आई रेत के जमाव भी पाए गए, जिससे संरचनाओं को और मजबूती मिली। सक्सेना ने इन पायलट परियोजनाओं को भविष्य की जल प्रबंधन परियोजनाओं में सुधार और लद्दाख में जलवायु के प्रति मजबूती बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण सीखने का अनुभव बताया। उन्होंने स्थानीय समुदायों के सहयोग के लिए उनका आभार व्यक्त किया और सतत विकास तथा दीर्घकालिक जल सुरक्षा के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता दोहराई।