लेह। लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने केंद्र शासित प्रदेश में बढ़ते साइबर अपराध के मामलों से निपटने के लिए पूरे लद्दाख में अधिकार क्षेत्र वाले एक समर्पित साइबर पुलिस स्टेशन की स्थापना को मंजूरी दे दी है।
नया साइबर पुलिस स्टेशन सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000, भारतीय न्याय संहिता, 2023 तथा अन्य लागू कानूनों के तहत वित्तीय धोखाधड़ी, ऑनलाइन ठगी, डिजिटल अरेस्ट और पहचान की चोरी जैसे साइबर अपराधों की जांच करेगा।
साइबर पुलिस स्टेशन राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल 1930 हेल्पलाइन, इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर, बैंकों, दूरसंचार कंपनियों और अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय करेगा। इसके अलावा ई-जीरो एफआईआर, डिजिटल साक्ष्य एकत्र करने और धोखाधड़ी वाले लेनदेन को तत्काल फ्रीज कराने की कार्रवाई में भी मदद करेगा।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 2021 से 2026 के बीच लद्दाख में साइबर अपराध से संबंधित 1,077 शिकायतें दर्ज हुईं। इनमें करीब 10 करोड़ रुपये की राशि शामिल थी। शिकायतों की संख्या 2022 में 43 से बढ़कर 2025 में 366 हो गई। साइबर पुलिस स्टेशन लद्दाख यूटी साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर के सीईओ के प्रशासनिक एवं परिचालन नियंत्रण में कार्य करेगा। प्रारंभिक व्यवस्था लद्दाख पुलिस के मौजूदा संसाधनों से की जाएगी।