- एलजी वीके सक्सेना ने जारी किया आदेश, उल्लंघन पर न्यूनतम 10 हजार रुपये जुर्माना
- यूटी में अब तक 207 गांवों को ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन प्रक्रिया के दायरे में लाया जा चुका
संवाद न्यूज एजेंसी
लेह। लद्दाख सर्टिफाइड ऑर्गेनिक प्रदेश की दिशा में अग्रसर है। प्रशासन ने शनिवार को प्रदेश में सभी प्रकार के रसायनयुक्त यूरिया की बिक्री और उसके प्रयोग पर पाबंदी लगा दिया है। यह फैसला लद्दाख को भारत का सबसे बड़ा सर्टिफाइड ऑर्गेनिक क्षेत्र बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने कहा है कि आदेश का उल्लंघन करने पर न्यूनतम 10 हजार रुपये जुर्माना वसूला जाएगा।
इस पहल का उद्देश्य लद्दाख के ऑर्गेनिक प्रमाणन को सुरक्षित रखना, मिट्टी और जल संसाधनों का संरक्षण करना, टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना और पूरे केंद्र शासित प्रदेश को मॉडल ऑर्गेनिक क्षेत्र के रूप में विकसित करना है। किसानों और कृषि इकाइयों को केवल ऑन फार्म और ऑफ फार्म ऑर्गेनिक इनपुट के उपयोग की सलाह दी गई है।
एलजी वीके सक्सेना ने कहा कि लद्दाख की स्वच्छ जलवायु, समृद्ध जैव विविधता और पारंपरिक खेती की पद्धतियां इसे पूरी तरह ऑर्गेनिक क्षेत्र बनाने के लिए अनुकूल बनाती हैं। कहा कि यह निर्णय न केवल हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा करेगा, बल्कि लद्दाख के ऑर्गेनिक उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में नई पहचान दिलाने के साथ किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद करेगा।
एलजी ने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्राकृतिक और ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा देने के आह्वान के अनुरूप है। हाल ही में नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में भी प्रधानमंत्री ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा देने की अपील की थी।
207 गांव ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन के दायरे में हैं
लद्दाख में पहले से ही ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा देने के लिए अभियान चल रहा है। अब तक 207 गांवों को ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन प्रक्रिया के दायरे में लाया जा चुका है। अब प्रशासन का लक्ष्य पूरे लद्दाख को सर्टिफाइड ऑर्गेनिक क्षेत्र के रूप में विकसित करना है। आदेश के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कृषि विभाग को नोडल बनाया गया है। बागवानी, सहकारिता तथा ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभागों को जागरूकता अभियान और किसानों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
केमिकल और सिंथेटिक उर्वरकों पर प्रतिबंध लद्दाख को पूर्ण ऑर्गेनिक केंद्र शासित प्रदेश बनाने की दिशा में परिवर्तनकारी कदम है। इससे हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र सुरक्षित रहेगा और किसानों की आय बढ़ेगी। लद्दाख उच्च हिमालयी क्षेत्रों में टिकाऊ कृषि का वैश्विक मॉडल बनेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्राकृतिक और ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा देने का सपना साकार होगा। - वीके सक्सेना, उपराज्यपाल लद्दाख