संवाद न्यूज एजेंसी
लेह। उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने बुधवार को लद्दाख की प्रीमियम ताजी खुबानी की पहली पांच मीट्रिक टन की खेप को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के लिए रवाना किया। इसके साथ ही क्षेत्र के अब तक के सबसे बड़े ताजी खुबानी निर्यात कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।
यह निर्यात अप्रैल 2026 में लद्दाख प्रशासन और यूएई स्थित लूलू रिटेल के बीच कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण के माध्यम से हुए समझौता ज्ञापन के तहत संभव हुआ है। इसके अनुसार, वर्तमान फसल सीजन में एक हजार मीट्रिक टन से अधिक ताजी खुबानी के निर्यात का लक्ष्य रखा गया है। यह पहल लद्दाख के बागवानी क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
पिछले दो वर्षों में जहां केवल 1500 किलोग्राम खुबानी का निर्यात हुआ था। वहीं, अब इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों की आय में वृद्धि करना और लद्दाख को प्रीमियम जैविक खुबानी के वैश्विक आपूर्तिकर्ता के रूप में स्थापित करना है। परिवहन के दौरान फलों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए प्रशासन ने कंटेनर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के सहयोग से कोल्ड-चेन लॉजिस्टिक्स प्रणाली की व्यवस्था की है, जिसके तहत खुबानी को 0 से 4 डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच पहुंचाया जाएगा।
निर्यात कार्यक्रम में लद्दाख की पारंपरिक खुबानी की किस्मों रक्तसे करपो और हलमान को शामिल किया गया है, जो अपनी मिठास, स्वाद, पोषण मूल्य और ऊंचाई वाले क्षेत्र में जैविक तरीके से की जाने वाली खेती के लिए प्रसिद्ध हैं। इस अवसर पर उपराज्यपाल ने इसे लद्दाख के बागवानी क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह प्रशासन की स्थानीय किसानों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि इस पहल से किसानों को वैश्विक खरीदारों तक सीधी पहुंच मिलेगी, उनकी उपज का बेहतर एवं लाभकारी मूल्य सुनिश्चित होगा तथा उनकी आजीविका में उल्लेखनीय सुधार आएगा। उपराज्यपाल ने कहा कि लंबे समय से किसानों को फसल की तुड़ाई, छंटाई, ग्रेडिंग, पैकेजिंग और विपणन जैसी प्रक्रियाओं में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, जिससे कटाई के बाद नुकसान और कम आय होती थी। नई व्यवस्था के तहत लूलू रिटेल तुड़ाई, ग्रेडिंग, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और निर्यात सहित पूरी मूल्य शृंखला का प्रबंधन करेगा, जिससे किसानों को अतिरिक्त लॉजिस्टिक जिम्मेदारियों के बिना केवल फसल तैयार होने पर अपने बाग उपलब्ध कराने होंगे।