लेह। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी एवं निदेशक जनगणना संचालन अमित शर्मा ने शुक्रवार को जनगणना 2027 की रूपरेखा प्रस्तुत की। यह जनगणना दो चरणों में पूरी होगी। पहला चरण एक जून से दूसरा सितंबर 2026 से शुरू होगा।
उन्होंने इसे लद्दाख में डेटा-आधारित शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
उन्होंने कहा कि यह 2019 में केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद लद्दाख में होने वाली पहली जनगणना होगी। जनगणना 2027 देश की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना भी होगी। इसमें मोबाइल एप और एक विशेष स्व-गणना पोर्टल के माध्यम से डेटा एकत्र किया जाएगा।
यह प्रक्रिया दो चरणों में पूरी की जाएगी। पहला चरण हाउस लिस्टिंग एक जून से 30 जून 2026 तक चलेगा जबकि इससे पहले 17 मई से 31 मई तक स्व-गणना की अवधि रहेगी। जनसंख्या गणना का दूसरा चरण सितंबर 2026 से लद्दाख और अन्य बर्फीले क्षेत्रों में शुरू किया जाएगा।
शर्मा ने लद्दाख में दो जनगणना वर्कस्टेशन स्थापित करने की भी घोषणा की जिससे सूक्ष्म स्तर के डेटा तक पहुंच सुनिश्चित होगी और जमीनी स्तर की योजना को मजबूती मिलेगी। उन्होंने डेटा सुरक्षा के लिए मजबूत उपायों का आश्वासन दिया और नागरिकों से जनगणना में सक्रिय भागीदारी की अपील की।