श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में वर्ष 2024 में हिट-एंड-रन सड़क दुर्घटना के 682 मामले दर्ज किए गए जो 2023 में दर्ज 807 मामलों की तुलना में कम हैं। यह जानकारी केंद्र सरकार ने लोकसभा में दी।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार केंद्र शासित प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों में ऐसी घटनाओं में लगातार वृद्धि देखी गई है। वर्ष 2020 में 337 मामले, 2021 में 469 और 2022 में 730 मामले दर्ज किए गए। इसके बाद 2023 में यह संख्या अपने चरम पर पहुंच गई थी। केंद्र सरकार ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं जिनमें हिट-एंड-रन के मामले भी शामिल हैं से संबंधित आंकड़े ''''भारत में सड़क दुर्घटनाएं'''' नामक रिपोर्ट के माध्यम से संकलित किए जाते हैं। यह रिपोर्ट राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से प्राप्त इनपुट पर आधारित होती है। मुआवजे के संबंध में सरकार ने बताया कि ''''हिट-एंड-रन मोटर दुर्घटना पीड़ितों के लिए मुआवजा योजना, 2022'''' को एक अप्रैल, 2022 से लागू किया गया है। इस योजना के तहत मृत्यु होने पर 2 लाख रुपये और गंभीर चोट लगने पर 50,000 रुपये की राशि प्रदान की जाती है।
आंकड़ों के अनुसार जम्मू और कश्मीर में इस योजना के तहत मुआवजे के दावों के निपटारे में सीमित प्रगति देखी गई है। वर्ष 2025-26 (28 फरवरी 2026 तक) के दौरान केवल पांच दावे पंजीकृत किए गए और उनमें से केवल एक दावे का भुगतान किया गया। योजना के लागू होने के बाद के पिछले वर्षों में कोई भी दावा दर्ज नहीं किया गया था।
सरकार ने आगे बताया कि दावों के निपटारे के लिए एक निर्धारित समय-सीमा तय की गई है। ''''दावा जांच अधिकारी'''' के लिए यह अनिवार्य है कि वह आवेदनों को एक महीने के भीतर संसाधित करे। इसके बाद 15 दिनों के भीतर स्वीकृति प्रदान की जाए और अगले 15 दिनों के भीतर बीमा एजेंसियों द्वारा भुगतान किया जाए।
सरकार ने यह भी बताया कि योजना के कार्यान्वयन को सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से मार्च 2026 में इसमें कुछ संशोधन अधिसूचित किए गए थे। इसके साथ ही ''''जिला सड़क सुरक्षा समितियों'''' और ''''राज्य सड़क सुरक्षा परिषदों'''' को योजना के क्रियान्वयन की निगरानी करने और इसमें होने वाली देरी को दूर करने के लिए अधिकृत किया गया है। केंद्र ने यह भी कहा कि संबंधित पक्षों को निर्देश जारी किए गए हैं ताकि लंबित मामलों को कम किया जा सके और पीड़ितों को मुआवजे का तेज़ी से वितरण सुनिश्चित किया जा सके।