लेह। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ-इंडिया का वेस्टर्न हिमालय संरक्षण कार्यक्रम 28 मार्च को लेह स्थित प्रतिष्ठित शांति स्तूपा में अर्थ आवर 2026 का आयोजन करने जा रहा है। इस कार्यक्रम में पर्यावरण जागरूकता और जलवायु कार्रवाई को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विद्यार्थी, समुदाय के सदस्य, संस्थान और संरक्षण से जुड़े हितधारक एकत्र होंगे।
इस कार्यक्रम में केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन, शैक्षणिक संस्थानों, नागरिक समाज संगठनों तथा स्थानीय समुदायों के प्रतिनिधियों के भाग लेने की संभावना है। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के नेतृत्व में चलाया जाने वाला और 190 से अधिक देशों में मनाया जाने वाला वैश्विक अभियान अर्थ आवर इस वर्ष अपनी 20वीं वर्षगांठ मना रहा है, जो पृथ्वी के संरक्षण के लिए दो दशकों की सामूहिक कार्रवाई को रेखांकित करता है।
आयोजकों ने बताया कि लद्दाख के नाजुक हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र में इस पहल का विशेष महत्व है, जो जलवायु परिवर्तन, हिमनदों के पीछे हटने और पारिस्थितिक असंतुलन जैसी बढ़ती चुनौतियों का सामना कर रहा है। कार्यक्रम में विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक और जागरूकता कार्यक्रम, स्कूली बच्चों की पेंटिंग एवं रचनात्मक कृतियों की प्रदर्शनी तथा संरक्षण से जुड़े विशेषज्ञों और हितधारकों के संक्षिप्त संबोधन शामिल होंगे।
हेमिस मठ के द्रुकपा थुकसे रिनपोछे, जो लद्दाख में अर्थ आवर 2026 के राज्य राजदूत के रूप में कार्य कर रहे हैं, ने भी समुदायों को प्रकृति के साथ सामंजस्यपूर्ण जीवन जीने और पर्यावरण संरक्षण की सामूहिक जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित करने वाला संदेश साझा किया है।
वैश्विक स्तर पर अर्थ आवर का आयोजन 28 मार्च को रात 8:30 बजे से 9:30 बजे तक किया जाएगा, जब लद्दाख के व्यक्ति और संस्थान दुनिया भर के लाखों लोगों के साथ गैर-जरूरी बिजली की लाइटें बंद कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतीकात्मक प्रतिबद्धता जताएंगे।
डब्ल्यूडब्ल्यूएफ-इंडिया ने निवासियों से अपील की है कि वे केवल प्रतीकात्मक भागीदारी तक सीमित न रहें, बल्कि अपने दैनिक जीवन में सतत (सस्टेनेबल) तरीकों को अपनाएं और क्षेत्र की प्राकृतिक विरासत की रक्षा के प्रयासों में सक्रिय रूप से भाग लें।