श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स यूनियन ने मंगलवार को आरोप लगाया कि पंजाब की सीटी यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले कई कश्मीरी छात्रों को रमजान के पवित्र महीने में सहरी और इफ्तार के लिए बुनियादी इंतजाम मांगने पर हॉस्टल से निकालने और एडमिशन रद्द करने की धमकी दी गई। यूनियन ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से इस मामले में दखल देने, निष्पक्ष जांच का आदेश देने की अपील की है।
एक बयान में यूनियन ने कहा कि उसे यूनिवर्सिटी में रेगुलर फीस देने वाले छात्रों से गंभीर शिकायतें मिली हैं। यूनियन के मुताबिक छात्रों ने मांग की थी कि रमजान के दौरान यूनिवर्सिटी मेस में सही समय पर खाना दिया जाए। यूनियन ने जिसे जायज मांग बताया और कहा कि उस पर ध्यान देने के बजाय छात्रों को कथित तौर पर डराया-धमकाया गया और उन्हें कैंपस खाली करने की चेतावनी दी गई। यूनियन ने दावा किया कि यूनिवर्सिटी के सीनियर अधिकारियों ने इंतजाम करने में मदद करने के बजाय सख्त भाषा और धमकियों से जवाब दिया।
यूनियन ने जोर देकर कहा कि किसी भी छात्र को अपने धर्म को मानने के लिए दुश्मनी या जबरदस्ती का सामना नहीं करना चाहिए और कहा कि शैक्षणिक संस्थान सबको साथ लेकर चलने वाली जगहें होनी चाहिएं जो सांविधानिक मूल्यों और क्षेत्र या धर्म की परवाह किए बिना समान व्यवहार को बनाए रखें।