श्रीनगर के एसकेआईसीसी में कानून मंत्री मेघवाल और मुख्यमंत्री उमर।
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श्रीनगर। शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में मंगलवार को टेली-लॉ इनिशिएटिव के तहत कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान कानून और न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल ने जम्मू और कश्मीर में न्याय तक पहुंच को मजबूत करने में प्रौद्योगिकी की भूमिका पर प्रकाश डाला। मंत्री ने कहा कि टेली-लॉ को मजबूत कर प्रौद्योगिकी का प्रभावी उपयोग करके न्याय तक पहुंच हर नागरिक तक, स्थान की परवाह किए बिना पहुंचनी चाहिए।
कार्यक्रम में सचिव (न्याय) के स्वागत संबोधन के बाद दिशा योजना के आयाम सहज एवं सुलभ न्याय तक पहुंच के लिए कार्यक्रम के दौरान एक छोटा जानकारी पूर्ण वीडियो दिखाया गया। जिसका उद्देश्य नागरिकों में टेली-लॉ सेवा के कार्य और न्याय तक आसान पहुंच तथा समय पर प्रारंभिक मुकदमेबाजी कानूनी सलाह में इसकी भूमिका के बारे में जागरूकता पैदा करना था।
वीडियो में टेली-लॉ को न्याय बंधु कार्यक्रम के साथ एकीकृत करने तथा न्याय सहायकों द्वारा प्रदान किए जाने वाले समर्थन को भी उजागर किया गया, जिससे यह दिखाया गया कि ये पहल लाभार्थियों को योग्य कानूनी पेशेवरों और प्रो बॉनो अधिवक्ताओं से जोड़ने के लिए कैसे मिलकर काम करती हैं, इस प्रकार स्तर पर कानूनी सेवाओं की डिलीवरी को मजबूत करती हैं।
कार्यक्रम के दौरान टेली-लॉ के तहत पैनल वकील, न्याय सहायकों और ग्राम स्तर के उद्यमियों सहित विजेताओं को न्याय तक अंतिम माइल पहुंच को मजबूत करने में उनके उत्कृष्ट योगदान के सम्मान में सम्मानित किया गया। समय पर कानूनी सहायता प्रदान करने में उनके समर्पित प्रयासों को सराहा गया। कानूनी जागरूकता फैलाने और टेली-लॉ और संबंधित पहलों के प्रभावी कार्यान्वयन को सुविधाजनक बनाने की सराहना की गई।
उन्होंने न्यायाधीश की समर्पित सेवा की सराहना की और कहा कि उनके कार्य का प्रभाव पूरे क्षेत्र में व्यापक रूप से महसूस किया गया। सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए, मंत्री ने वीर परिवार सहायता योजना 2025 का उल्लेख किया और एक सैनिक के परिवार की मार्मिक कहानी साझा की, ताकि मजबूत कानूनी सहायता प्रणाली के महत्व को रेखांकित किया जा सके।