घाटी के हिस्सों में रुक-रुककर हुई बारिश, दोपहर से घटना हुआ शुरू झेलम का जलस्तर
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। घाटी में पांच दिन से भारी बारिश के बाद नदियों का बढ़ा जलस्तर लोगों की चिंता का विषय बना हुआ था। शुक्रवार सुबह बारिश हुई तो लोगों का डर बढ़ गया। दोपहर बाद बारिश बंद होने के बाद झेलम का जलस्तर कम होना शुरू हुआ तो लोगों ने थोड़ी राहत की सांस ली।
शुक्रवार को लगातार चौथे दिन कश्मीर के कई हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश हुई। इससे घाटी में ज्यादातर जल निकायों का जलस्तर ऊंचा बना रहा और बाढ़ का डर पैदा हो गया। अधिकारियों ने बताया कि अनंतनाग और श्रीनगर जिलों में झेलम नदी का जलस्तर, जो गुरुवार रात बाढ़ के खतरे के निशान को पार कर गया था, अब घट रहा है।
मौसम विभाग ने बताया कि दक्षिण कश्मीर के इलाकों में पिछले 24 घंटों में अच्छी-खासी बारिश हुई है। विभाग ने कहा कि मौसम में अब धीरे-धीरे सुधार होगा। विभाग ने 28-31 जुलाई के बीच फिर से बारिश का दौर शुरू होने का अनुमान जताया है।
मौसम में सुधार के साथ-साथ झेलम नदी के जलस्तर में भी धीरे-धीरे कमी आ रही है। हालांकि नदी का जलस्तर शनिवार या उसके अगले दिन तक भी काफी ऊंचा रहने की उम्मीद है, लेकिन बाढ़ का कोई बड़ा खतरा नहीं है। अधिकारियों ने संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है, खासकर भूस्खलन की आशंका वाले और निचले इलाकों में।
शाम चार बजे तक झेलम नदी का जलस्तर संगम में 19.28 फीट, पांपोर में 5.04 मीटर, मुंशीबाग में 18.90 फीट, आशम में 12.61 फीट, वुलर में 1576.01 मीटर रहा। वहीं, खुदवानी में विशोव नाले का 7.27 मीटर, वाची में रामबियारा नाले का 2.14 मीटर, बटकूट में लिद्दर नाले का 1.09 मीटर, बरज़ुल्ला में दूधगंगा नाले का 1.30 मीटर और डोडरहमा में सिंध नाले का 2.35 मीटर पर जलस्तर रहा। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 25-27 जुलाई को कुछ जगहों पर बारिश, गरज के साथ बौछारें और कुछ देर के लिए तेज बारिश हो सकती है। जम्मू संभाग के कुछ जिलों में भारी बारिश हो सकती है। कई संवेदनशील जगहों पर अचानक बाढ़, भूस्खलन की संभावना है।
वांगीपोरा, सोनावरी में हालात काबू में
बांदीपोरा। सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग, सुंबल डिवीजन के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर उमर जान भट ने शुक्रवार को कहा कि लगातार भारी बारिश के कारण झेलम नदी का जलस्तर बढ़ने के बावजूद सोनावरी के वांगीपोरा में बाढ़ की स्थिति नियंत्रण में है। एग्जीक्यूटिव इंजीनियर ने बताया कि झेलम में जलस्तर अभी लगभग 12.5 फीट है, जो खतरे के निशान से नीचे है। उन्होंने लोगों से न घबराने की अपील की है। वांगीपोरा तटबंध के पास हाल ही में हुए नुकसान और पानी के रिसाव के बारे में बताया कि यह समस्या इलाके में चल रहे नेशनल हाईवे निर्माण कार्य के कारण हुई थी। संवाद
बढ़ रहा तापमान, अभी भी सामान्य से नीचे
शुक्रवार को श्रीनगर में अधिकतम तापमान 24.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 5.1 डिग्री कम है। वहीं, न्यूनतम तापमान 18.0 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 0.8 डिग्री कम है। काजीगुंड में अधिकतम तापमान 21.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 6.3 डिग्री कम है। वहीं, न्यूनतम तापमान 16.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 0.8 डिग्री कम है। पहलगाम में अधिकतम तापमान 18.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 6.9 डिग्री कम है। वहीं, न्यूनतम तापमान 13.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 0.4 डिग्री अधिक है। फूलों की घाटी गुलमर्ग में अधिकतम तापमान 17.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.6 डिग्री कम है। वहीं, न्यूनतम तापमान 10.0 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 2.1 डिग्री कम है।
भारी बारिश के बाद झेलम का बढ़ा जलस्तर। संवाद
भारी बारिश के बाद झेलम का बढ़ा जलस्तर। संवाद
भारी बारिश के बाद झेलम का बढ़ा जलस्तर। संवाद
भारी बारिश के बाद झेलम का बढ़ा जलस्तर। संवाद
भारी बारिश के बाद झेलम का बढ़ा जलस्तर। संवाद