गुरेज व अनंतनाग में बादल फटने से बढ़ी समस्या, 23 जुलाई तक तेज बारिश का पूर्वानुमान, प्रशासन ने जारी की एडवायजरी
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। घाटी के कई इलाकों में शनिवार रात और रविवार सुबह भारी बारिश हुई। गुरेज व अनंतनाग में बादल फटने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। नालों में भी बाढ़ के से हालात हो गए। वहीं, श्रीनगर सहित मैदानी इलाकाें में बारिश से सड़कों पर जलभराव हो गया। मौसम विभाग ने 23 जुलाई तक जम्मू और कश्मीर के कई इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। वहीं प्रशासन ने भी इसको लेकर चेतावनी जारी की है। वहीं बारिश से दिन के तापमान में कमी आई है।
मौसम विभाग के अनुसार अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी आने और मॉनसून ट्रफ के पश्चिमी हिस्से के अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर (जम्मू) की ओर खिसकने के कारण, 19 जुलाई से 23 जुलाई (दोपहर तक) जम्मू-कश्मीर और उसके आस-पास के इलाकों में लंबे समय तक बारिश होने की आशंका है।
इस सिस्टम के असर से 23 जुलाई तक जम्मू और कश्मीर में व्यापक रूप से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की उम्मीद है, साथ ही कश्मीर डिविजन में 21 से 23 जुलाई के बीच कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। जम्मू डिविजन में 20 से 23 जुलाई 2026 के दौरान कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश और गरज के साथ बौछारें (रियासी और उधमपुर जिलों में कहीं-कहीं बहुत ज़्यादा भारी बारिश और गरज के साथ बौछारें) पड़ने की संभावना है।
जम्मू संभाग की पीर पंजाल रेंज और कश्मीर संभाग के ऊंचे इलाकों अनंतनाग, पहलगाम, कुलगाम, शोपियां, पीर की गली, गुलमर्ग, सोनमर्ग-जोजिला एक्सिस, बांदीपोरा-राजधान पास और कुपवाड़ा-साधना पास में संवेदनशील जगहों पर भूस्खलन, मडस्लाइड, पत्थर गिरने और अचानक बाढ़ आने की आशंका है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 20-23 जुलाई को आम तौर पर बादल छाए रहेंगे और ज्यादातर जगहों पर थोड़ी-थोड़ी देर के लिए बारिश, गरज के साथ बौछारें पड़ेंगी। जम्मू-कश्मीर के कुछ जिलों में भारी बारिश, तेज बौछारें, मूसलाधार बारिश हो सकती है। कुछ जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश और जम्मू संभाग के जम्मू, रियासी, उधमपुर, कठुआ, सांबा, राजौरी, डोडा, रामबन और किश्तवाड़ जिलों में बहुत ज्यादा भारी बारिश की संभावना है, खासकर दोपहर बाद, शाम और देर रात व सुबह के समय।
संवेदनशील जगहों पर अचानक बाढ़ भूस्खलन, मिट्टी धंसने की आशंका है। नदियों, सब-बेसिन में जल स्तर में काफी बढ़ोतरी और निचले इलाकों में हल्की बाढ़, जलभराव हो सकता है। ऊंचे इलाकों में रहने वाले लोगों से कहा गया है कि वे ढलान वाले और भूस्खलन की आशंका वाले इलाकों में जाने से बचें। सभी संबंधित लोगों को सलाह दी जाती है कि वे उसी के अनुसार योजना बनाएं और ताजा जानकारी लेते रहें। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे खेती से जुड़े सभी काम रोक दें। 24-27 जुलाई को कुछ जगहों पर थोड़ी देर के लिए बारिश, गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।
एक ही दिन में 5 डिग्री तक गिरा पारा
श्रीनगर। घाटी में रविवार को बारिश के बाद दिन का पारा पांच डिग्री तक गिर गया। श्रीनगर में शनिवार इस सीजन का सबसे गर्म दिन रहा था। यहां अधिकतम तापमान 35.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 5.8 डिग्री अधिक था। वहीं, रविवार को अधिकतम तापमान 29.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.9 डिग्री कम था। न्यूनतम तापमान 20.9 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 2.2 डिग्री अधिक है। कश्मीर के प्रवेश द्वार काजीगुंड में अधिकतम तापमान 26.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.6 डिग्री कम है। वहीं, न्यूनतम तापमान 21.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 4.8 डिग्री अधिक है। पर्यटन केंद्र पहलगाम में अधिकतम तापमान 23.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.0 डिग्री कम है। वहीं, न्यूनतम तापमान 19.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 6.1 डिग्री अधिक है। फूलों की घाटी गुलमर्ग में अधिकतम तापमान 22.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.4 डिग्री अधिक है। वहीं, न्यूनतम तापमान 16.0 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 3.9 डिग्री अधिक है। ब्यूरो
श्रीनगर में भारी बारिश के बाद सड़कों पर भरा पानी। संवाद
श्रीनगर में भारी बारिश के बाद सड़कों पर भरा पानी। संवाद