श्रीनगर। केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने शनिवार को उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की। इस बैठक का मकसद 3 जुलाई से शुरू होने वाली सालाना अमरनाथ यात्रा की तैयारियों का जायजा लेना था। इस बैठक में पुलिस, सेना, सीआरपीएफ, बीएसएफ और खुफिया एजेंसियों के आला अधिकारी शामिल हुए।
उन्होंने बताया कि कश्मीर घाटी में सुरक्षा की ओवरऑल स्थिति की समीक्षा की गई और 57 दिनों तक चलने वाली अमरनाथ यात्रा के लिए किए गए इंतजामों पर खास तौर पर ध्यान दिया गया।
अधिकारियों ने बताया कि गृह सचिव को जम्मू-कश्मीर में नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी दी गई। उन्हें केंद्र शासित प्रदेश में शांति बनाए रखने और टेरर इकोसिस्टम को खत्म करने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में भी बताया गया। अधिकारियों ने आगे बताया कि अफसरों ने गृह सचिव को यात्रा को सुचारू रूप से चलाने के लिए किए गए उपायों के बारे में भी जानकारी दी। इन उपायों में तैनाती की योजना, काफिले की सुरक्षा, इमरजेंसी रिस्पॉन्स, हेल्थकेयर सुविधाएं, कम्युनिकेशन नेटवर्क और ट्रांसपोर्टेशन सेवाएं शामिल थीं।
पिछले कुछ दिनों में सुरक्षा बलों ने सालाना यात्रा को सुचारू और सुरक्षित रूप से आयोजित करने के लिए सुरक्षा तैयारियों, इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम और अलग-अलग एजेंसियों के बीच तालमेल का जायजा लेने और उसे मजबूत करने के लिए कई मॉक ड्रिल की हैं।