श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी ने केंद्र शासित प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी और हालिया सरकारी भर्तियों में कथित तौर पर हो रही अनियमितताओं को लेकर उमर सरकार पर तीखा हमला बोला है। एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए पीडीपी की मुख्य प्रवक्ता डॉ. महबूब बेग ने कहा कि घाटी में युवाओं के लिए सरकारी नौकरियों के अलावा आजीविका का कोई अन्य मजबूत साधन नहीं है, ऐसे में नियुक्तियों में किसी भी प्रकार का पक्षपात बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पीडीपी नेता जुहैब मीर ने पीपीटी प्रजेंटेशन देते हुए आंकड़ों के आधार पर बताया कि शिक्षा, स्वास्थ्य और समाज कल्याण जैसे कुल 29 सरकारी विभागों में नियुक्तियां की गईं। अकेले स्वास्थ्य विभाग में ही लगभग 5,000 से 7,000 भर्तियां होने की बात कही जा रही है। ये सभी नौकरियां बिना किसी सार्वजनिक विज्ञापन के, केवल पार्टी से जुड़े लोगों और करीबियों को बांटी गईं। इस पूरे घोटाले को पांच चरणों में अंजाम दिया गया। पदों की पहचान की गई और सरकार ने उन्हें भरने की प्रक्रिया शुरू की। भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के बजाय, लगभग 200 निजी कंपनियों को आउटसोर्स कर दिया गया। इन नौकरियों के लिए कोई भी सार्वजनिक विज्ञापन या नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया। आम जनता को इन वैकेंसियों की कोई भनक तक नहीं लगी। न तो कोई लिखित परीक्षा हुई और न ही कोई मेरिट लिस्ट जारी की गई। निजी कंपनियों की वेबसाइट पर बहुत ही कम समय के लिए ऑनलाइन एप्लीकेशन लिंक खोले गए। इन लिंक्स को सार्वजनिक करने के बजाय सत्तारूढ़ दल के मंत्रियों, विधायकों और करीबियों के बीच आंतरिक रूप से साझा किया गया ताकि केवल उनके ही लोग आवेदन कर सकें। इस प्रक्रिया से निजी कंपनियों ने भी भारी मुनाफा कमाया और चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए नियमों का पूरी तरह उल्लंघन किया गया।