बारामुला। एनएचपीसी लिमिटेड के उड़ी-1 स्टेज-2 जलविद्युत परियोजना के महाप्रबंधक (सिविल) ने सोशल मीडिया पर परियोजना की निर्माण गतिविधियों की सुरक्षा को लेकर फैल रही चिंताओं का खंडन किया है। एनएचपीसी ने स्पष्ट किया कि परियोजना को पर्यावरण, वन, रक्षा समेत सभी प्रमुख वैधानिक मंजूरियां मिल चुकी हैं। संबंधित मंत्रालयों और विभागों से अनापत्ति प्रमाण पत्र भी प्राप्त कर लिए गए हैं।
जीएम ने बताया, प्रस्तावित सुरंग पहाड़ के भीतर करीब 400 मीटर अंदर बनाई जा रही है। इसके अलावा 300 से 500 मीटर तक का अतिरिक्त लेटरल कवर भी है। इससे निर्माण कार्य पूरी तरह सुरक्षित रहेगा। परियोजना के लिए जरूरी ब्लास्टिंग का काम एनएचपीसी के विशेषज्ञों और सरकार से मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय स्तर के तकनीकी संस्थानों की निगरानी में नियंत्रित तरीके से किया जाएगा।
एनएचपीसी ने कहा कि यह परियोजना राष्ट्रीय महत्व की है। रिपोर्ट तैयार करते समय स्थानीय निवासियों और प्रतिष्ठानों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा गया है। सुरक्षा मानकों और नियामक आवश्यकताओं का सख्ती से पालन किया जाएगा। सोशल मीडिया के कई प्लेटफॉर्म पर उड़ी-1 स्टेज-2 जलविद्युत परियोजना की निर्माण गतिविधियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए जा रहे थे, जिसके बाद यह स्पष्टीकरण जारी किया है।