श्रीनगर। झेलम नदी में बाढ़ प्रबंधन के लिए केंद्र से आया पैसा कहां और कैसे खर्च हो रहा है, इसे लेकर हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार से जवाब मांगा है। झेलम नदी की अनदेखी से जुड़ी अलग-अलग जनहित याचिकाओं का संज्ञान लेकर जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने चार सप्ताह में स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। साथ ही कहा है कि यदि निर्धारित समय में स्टेटस रिपोर्ट नहीं दाखिल की गई तो आयुक्त सचिव को खुद कोर्ट में पेश होना पड़ेगा।
मुख्य न्यायाधीश पंकज मित्थल और मोक्षा खजूरिया काजमी की खंडपीठ ने कहा, सॉलिसिटर जनरल टीएम शम्सी ने बताया है कि केंद्र की ओर से झेलम नदी के संरक्षण और बाढ़ प्रबंधन के लिए पर्याप्त पैसा जारी किया है। इस पर अतिरिक्त महाधिवक्ता आसिफा पादरू ने स्टेटस रिपोर्ट के लिए अतिरिक्त समय मांगा। कोर्ट ने कहा कि चार सप्ताह का समय दिया जाता है। आयुक्त सचिव इस पर विस्तृत रिपोर्ट पेश करें या अगली तारीख को खुद पेश हों।