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कट्टरपंथ का पाठ पढ़ाता था मकबूल

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श्रीनगर। आतंकियों के गठजोड़ रखने के आरोप में बर्खास्त स्कूल शिक्षा विभाग के शिक्षक मोहम्मद मकबूल हाजम सरकारी शिक्षक होने के बावजूद आतंकी गतिविधियों में संलिप्त रहा। वह आतंकियों से जुड़ा जमीनी कार्यकर्ता (ओजीडब्ल्यू) था और लोगों को कट्टरपंथ का पाठ पढ़ाता था। वह उस भीड़ का हिस्सा रहा है जिसने सोगाम और अन्य सरकारी भवनों व एक पुलिस स्टेशन पर हमला किया था। इसके अलावा बर्खास्त जम्मू-कश्मीर पुलिस का कांस्टेबल गुलाम रसूल आतंकियों के भूमिगत समर्थक के तौर पर काम कर रहा था। आतंकियों के लिए मुखबिर के रूप में भी काम करता था और आतंकवाद विरोधी अभियानों के बारे में आतंकियों और ओजीडब्ल्यू को सूचना देता था। अधिकारियों ने कहा कि वह आतंकवाद विरोधी अभियानों में शामिल पुलिसकर्मियों के नाम लीक करता था। रसूल पाकिस्तान में बैठे हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकवादी मुश्ताक अहमद उर्फ औरंगजेब के भी संपर्क में था।
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पिछली सरकारों में घुसपैठ कर गए थे ऐसे तत्व
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हाल में जम्मू-कश्मीर सरकार ने सरकारी तंत्र में घुसपैठ कर चुके आतंकी तत्वों का पता लगाने के लिए एक व्यवस्था बनाई है। जो पिछली सरकारों के दौरान व्यवस्था में घुसने में कामयाब रहे। यह कार्रवाई उसी का परिणाम है।
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मार्च में सेवामुक्त किए थे 5 मुुलाजिम
इससे पहले 31 मार्च को उप राज्यपाल प्रशासन ने दो पुलिस कांस्टेबल, शिक्षक समेत पांच सरकारी मुलाजिमों को आतंकियों और अलगाववादियों से गठजोड़ के आरोप में बर्खास्त कर दिया था। ये कर्मचारी न सिर्फ दहशतगर्दों के करीबी पाए गए, बल्कि आतंकी वारदातों को अंजाम देने से लेकर युवाओं को आतंक की राह पर धकेलने जैसी गतिविधियों में शामिल थे। इनमें पुलिस कांस्टेबल तौसीफ मीर, कांस्टेबल शाहिद हुसैन राथर, शिक्षक अरशद अहमद, कंप्यूटर ऑपरेटर गुलाम पर्रे और अर्दली शराफत अली खान शामिल थे।
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हिजबुल सरगना सलाहुद्दीन के दो बेटों समेत 11 को भी हटाया
संदिग्ध गतिविधियों में शामिल कर्मचारियों के चाल चलन की समीक्षा करने वाली कमेटी की सिफारिश पर उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने संविधान के अनुच्छेद 311 (2)(सी) के तहत इन्हें बर्खास्त करने का आदेश जारी किया। दस जुलाई 2021 को अतंरराष्ट्रीय आतंकी हिजबुल मुजाहिदीन के प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन के दो बेटों समेत 11 कर्मचारियों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया था। सभी कर्मचारी टेरर फंडिंग, अलगाववाद और आतंकियों को पनाह देने जैसी देशद्रोही गतिविधियों में संलिप्त पाए गए थे।
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