श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में ऋण वसूली न्यायाधीकरण नहीं हैं। इस श्रेणी के मामलों की सुनवाई के लिए चंडीगढ़ न्यायाधीकरण को अधिकार क्षेत्र दिया गया है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट में यह जानकारी केंद्र सरकार की ओर से दी गई है। ऋण वसूली से संबंधित एक मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कहा था कि इस तरह के मामले ऋण वसूली न्यायाधीकरण के समक्ष उठाने चाहिएं। इस पर केंद्र से जवाब मांगा गया था।
असिस्टेंट सॉलिसिटर जनरल के माध्यम से सरकार ने बताया कि सिक्योरिटीजेशन एंड रीकंस्ट्रक्टिंग ऑफ फाइनेंशियल असेट्स एंड इनफोर्समेंट ऑफ सिक्योरिटी इंट्रस्ट एक्ट 2002 की धारा 17 में प्रावधान हैं। इसमें कर्ज लेने वाले भी अपनी समस्या उठा सकते हैं। हाईकोर्ट में न्यायाधीश अली मोहम्मद मागरे और न्यायाधीश मोहन लाल की खंडपीठ ने याचिका का निपटारा करते हुए कहा कि इस मामले को याची ऋण वसूली न्यायाधीकरण चंडीगढ़ में अगले एक माह में याचिका दायर कर सकते हैं।