केंद्रीय मंत्री डा. जितेंद्र सिंह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के विकास के क्षेत्र में पिछड़ने के लिए पूर्ववर्ती सरकारें जिम्मेदार हैं। मोदी सरकार में काफी विकास कार्य शुरू हुए हैं। ऊर्जा क्षेत्र में सभी प्रोजेक्ट रुके पड़े थे, जिसे भाजपा सरकार ने शुरू कराया। जम्मू-कश्मीर में नौ प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई है। 2013 से रेटले प्रोजेक्ट पर काम बंद था, जिसे अब जाकर मंजूरी मिली है। इसके साथ ही पक्कलडुल, कीरू, दुलहस्ती-2 व उड़ी-2 प्रोजेक्ट भी शुरू किया गया है।
शाहपुर कंडी प्रोजेक्ट को 45 साल बाद मंजूरी मिल सकी है। अगले दो साल में प्रदेश सरप्लस बिजली पैदा करने लगेगा। उन्होंने कहा कि घाटी में रेलगाड़ी न पहुंचने के लिए पूर्व की सरकारें जिम्मेदार हैं क्योंकि 2014 से रियासी में एलाइनमेंट की वजह से पटरी बिछाने का काम बंद पड़ा था। उनकी सरकार ने एलाइनमेंट को लेकर कई बैठकें की और फिर इसे शुरू कराया। अब रियासी में विश्व का सबसे ऊंचा रेलवे पुल बनाने का काम अंतिम चरण में है।
उम्मीद है कि दो साल में घाटी में सीधी ट्रेन पहुंचने लगेगी। उन्होंने कहा कि आतंकवाद की वजह से भी यहां विकास कार्य पर असर पड़ा था। इसके साथ ही कोरोना की वजह से पिछले कुछ महीनों से विकास कार्य रुके पड़े थे जिसे अब गति मिल पाई है। विश्वास जताया कि हर मोर्चे पर विकास को गति मिलेगी और जम्मू-कश्मीर अन्य राज्यों की तरह विकास करेगा।