फारूक अब्दुल्ला ने पीएम मोदी के बयान का जवाब देते हुए कहा कि नफरत फैलाने में कांग्रेस का हाथ नहीं है और उन्होंने विधानसभा में 5 नामित विधायकों के मामले में सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही।
नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कांग्रेस पार्टी पर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा, क्या कांग्रेस ने जम्मू में नफरत को जन्म दिया? क्या गृह मंत्री आए थे, प्रधानमंत्री आए थे, या उनके कई मंत्री आए थे ताकि नफरत फैलाई जा सके? हम कभी भी आतंकवाद का समर्थन नहीं करते और न ही करेंगे।
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फारूक अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर विधानसभा में 5 नामित विधायकों के मुद्दे पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, भारतीय संविधान के तहत यह संभव नहीं है। जो सरकार सत्ता में आती है, वही विधायकों को नामित करती है। यदि ऐसा किया गया तो हम सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे और हमें उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट हमारी अपील को संविधान के अनुसार सुनेगा और हमें न्याय प्रदान करेगा।
इस बयान के माध्यम से अब्दुल्ला ने अपनी पार्टी की स्थिति को स्पष्ट करते हुए राजनीतिक अस्थिरता और संविधानिक मूल्यों की रक्षा की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि न्यायालय उनकी मांगों पर ध्यान देगा और उचित निर्णय लेगा।