जम्मू-कश्मीर कैबिनेट ने जम्मू और कश्मीर की स्टेटहुड को बहाल करने के लिए केंद्रीय सरकार से आग्रह करने का प्रस्ताव पारित किया है। यह बैठक जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की अध्यक्षता में हुई, जिसमें स्टेटहुड की मूल स्थिति में बहाली के लिए एक सर्वसम्मत प्रस्ताव पारित किया गया।
स्टेटहुड की बहाली एक उपचार प्रक्रिया की शुरुआत होगी जिससे जम्मू और कश्मीर के लोगों के संवैधानिक अधिकारों की पुनः प्राप्ति और उनकी पहचान की सुरक्षा होगी। कैबिनेट ने मुख्यमंत्री को प्रधानमंत्री और भारत सरकार के साथ इस मुद्दे को उठाने के लिए अधिकृत किया। जम्मू और कश्मीर की विशिष्ट पहचान और लोगों के संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा नई सरकार की नीति का आधार बनेगी।
एक आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री आगामी दिनों में इस संबंध में प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों से मिलने के लिए नई दिल्ली जाएंगे। कैबिनेट ने 4 नवंबर 2024 को श्रीनगर में विधान सभा की बैठक बुलाने का निर्णय लिया और उपराज्यपाल से विधान सभा को बुलाने और संबोधित करने की सलाह दी।
विधान सभा के पहले सत्र की शुरुआत में उपराज्यपाल का अभिभाषण भी मंत्रिपरिषद के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जिसे आगे विचार करने और चर्चा करने का निर्णय लिया गया। मंत्रिपरिषद ने उपराज्यपाल को मुबारिक गुल को प्रोटेम स्पीकर नियुक्त करने की सिफारिश की, जो 21 अक्टूबर 2024 को निर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाएंगे। इस बीच, उपराज्यपाल ने स्पीकर के चुनाव तक मुबारिक गुल को प्रोटेम स्पीकर के रूप में नियुक्त करने का आदेश जारी किया है।