बडगाम के रहने वाले एक युवा ट्रैकर ने पहली बार सोरस झील तक पहुंचकर और पवित्र केसरी निशान साहिब (केसरी झंडा) को फहरा कर नाम रोशन किया है। सोरस झील अनंतनाग जिले में लगभग 3,600 मीटर की ऊंचाई पर है। यह पर्यटकों को विशेष रूप से वसंत ऋतु में आकर्षित करती है, जब झील बर्फ से ढके पहाड़ों से घिरी होती है।
29 अप्रैल को अमनप्रीत सिंह ने पर्वतारोही मुजम्मिल हुसैन व अन्य साथियों के साथ सोरस झील तक पहुंचने और वहां पवित्र ध्वज फहराने के लिए बर्फ से ढके पहाड़ों को नापने के लिए ट्रैकिंग शुरू की थी। टिंडेल बिस्को स्कूल अमृतसर के पूर्व छात्र अमनप्रीत का पहाड़ों और प्रकृति से लगाव बचपन से है। बाद में स्कूल द्वारा आयोजित गतिविधियों के चलते इसमें उनकी दिलचस्पी बढ़ती गई। वह हाल में कुछ एथलीटों के नेतृत्व में एक स्थानीय ट्रैकिंग समूह में शामिल हुए। यहां उन्होंने अपनी क्षमता साबित की।
अमनप्रीत सिंह ने कहा कि जब वह पिता राजिंदर सिंह के साथ अपने गांव बीरवाह गए, तो उन्होंने कहा कि इस ट्रैक में सबसे बड़ी चुनौती बर्फ है। अमनप्रीत ने कहा कि ट्रैकिंग के दौरान बर्फ ने न केवल मुझे बल्कि मेरे साथियों को भी थका दिया था, लेकिन निशान साहिब को फहराना गर्व से भरने वाला क्षण रहा।
उन्होंने बताया कि ट्रैक पर जाने से पहले पर्याप्त तैयारी जरूरी है। उपयुक्त कपड़े और जूते के अलावा पर्याप्त भोजन, पानी, कम्पास, मानचित्र, प्राथमिक चिकित्सा किट रखना आवश्यक है। आपको मौसम की स्थिति और मार्ग में संभावित खतरों के बारे में पता होना चाहिए।