अफजल गुरु व मकबूल भट की बरसी होती है। इसके मद्देनजर पहले से ही सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट किया गया है। हालातों को ध्यान में रखते हुए श्रीनगर शहर के साथ-साथ अन्य संवेदनशील इलाकों में पुलिस और सीआरपीएफ की ओर से संयुक्त नाके बढ़ाए गए हैं।
संसद पर हमला करने वाले आतंकी अफजल गुरु और जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के संस्थापक मकबूल भट की बरसी पर घाटी में अलर्ट जारी किया गया है। कश्मीर में तैनात सभी सुरक्षा एजेंसियों को उच्च अधिकारियों ने समन्वय बनाकर चौकसी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। सुरक्षा एजेंसियों को इनपुट मिला है कि आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का अफजल गुरु स्क्वॉड हमले कर सकता है।
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एक अधिकारी ने बताया नौ और 11 फरवरी को अफजल गुरु व मकबूल भट की बरसी होती है। इसके मद्देनजर पहले से ही सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट किया गया है। हालातों को ध्यान में रखते हुए श्रीनगर शहर के साथ-साथ अन्य संवेदनशील इलाकों में पुलिस और सीआरपीएफ की ओर से संयुक्त नाके बढ़ाए गए हैं। मोबाइल चेक प्वाइंट भी स्थापित किए गए हैं। संदिग्धों की तलाशी ली जा रही है।
घाटी के अन्य जिलों में भी कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। संसद में हमले मामले में नौ फरवरी, 2013 को दिल्ली की तिहाड़ जेल में अफजल गुरु को फांसी दी गई थी। मकबूल भट को 11 फरवरी, 1984 को तिहाड़ जेल में फांसी दी गई थी। इन दो अवसरों पर कश्मीर घाटी में अक्सर अलगाववादियों द्वारा पहले ही बंद का आह्वान किया जाता था। लेकिन पिछले कुछ समय से जब से अलगाववादियों पर नकेल कसी गई है और अधिकतर बड़े नेता जेलों में बंद हैं, तब से बंद का कोई असर नहीं दिखा है।
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हालांकि अफजल गुरु की 10वीं बरसी पर श्रीनगर शहर के कुछ हिस्सों में बंद रहा। सूत्रों के अनुसार प्रतिबंधित जेकेएलएफ द्वारा आहूत हड़ताल के कारण नौहट्टा, गोजवारा, और नालामार रोड इलाकों में दुकानें और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रखे गए। अन्य इलाकों में सामान्य जनजीवन जारी रहा।