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Srinagar News: आतंकियों की बदली रणनीति ने बढ़ाई चिंता, 33 महीने बाद घाटी में फिर पुलिसकर्मी की टारगेट किलिंग

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श्रीनगर। दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग में पुलिस हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी की शहादत के बाद सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है। लगभग 33 महीनों के लंबे अंतराल के बाद घाटी में जम्मू-कश्मीर पुलिस के किसी जवान को इस तरह टारगेट कर हमला किया गया है। घटते जनाधार और सुरक्षाबलों के बढ़ते दबाव के बीच आतंकी संगठनों की हमले की बदली रणनीति नई चुनौती पेश कर रही है। कायरतापूर्ण हमले के तुरंत बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर घाटी में अब तक का सबसे बड़ा ऑलआउट ऑपरेशन शुरू कर दिया है।
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हमले में पाकिस्तानी आतंकी के शामिल होने के संकेत
आतंकियों के मददगार नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के उद्देश्य से करीब दो हजार से अधिक आतंकी सहयोगियों को हिरासत में लिया गया है। हमले के बाद सामने आए सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षा एजेंसियां खंगालने में जुटी हैं। फुटेज में काले रंग के कपड़े और काली टोपी पहने एक संदिग्ध नजर आ रहा है, जो अपने पास मौजूद एक थैले में असॉल्ट राइफल छिपाकर हमले के तुरंत बाद भागता दिख रहा है। हालांकि, अधिकारियों ने अभी तक फुटेज में दिख रहे व्यक्ति की आधिकारिक पहचान या हमले से उसके सीधे संबंध की पुष्टि नहीं की है। शुरुआती जांच में हमलावर के स्थानीय लश्कर-ए-ताइबा आतंकी होने की आशंका जताई जा रही थी, लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है इसमें किसी पाकिस्तानी आतंकवादी के शामिल होने के संकेत भी मिल रहे हैं। पुलिस के एक उच्च अधिकारी ने बताया कि तफ्तीश तेजी से जारी है। सभी पहलुओं से हमलावर की पहचान की जा रही है। इस बीच प्रतिबंधित लश्कर-ए-ताइबा के मुखौटा संगठन टीआरएफ ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। वैसे सुरक्षा एजेंसियों की ओर से इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
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