श्रीनगर। बीते चार दिनों से हो रही बारिश के चलते नदियों व नालों का जलस्तर बढ़ गया है। इसी के चलते शहर के बीचोंबीच कश्मीर का ताज कहलाने वाले लाल चौक के बिल्कुल साथ बह रही झेलम नदी का जलस्तर भी बढ़ने से नदी किनारे रहने वाले लोगों की चिंताएं भी बढ़ती जा रही है। हालांकि शुक्रवार रात झेलम नदी का जलस्तर घटने पर लोगों ने राहत की सांस ली है।
गौरतलब है कि वर्ष 2014 में झेलम का जलस्तर बढ़ने के कारण लाल चौक के आसपास के क्षेत्रों में तकरीबन 10 फीट से भी ज्यादा पानी आ गया था। वहीं दूसरी ओर झेलम नदी के साथ लगते क्षेत्रों में 15 से 17 फीट तक पानी आ जाने से लोगों को अपने मकान की दूसरी मंजिल में जाकर अपनी जान बचानी पड़ी थी। लोग खुदा से बारिश बंद होने की दुआ कर रहे है ताकि उन्हें वर्ष 2014 जैसे हालात से न गुजरना पड़े।
शहर के बीचोंबीच से गुजरने वाली झेलम नदी का जलस्तर बढ़ने से शहर व उसके आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को डर सताने लगा है। झेलम का जलस्तर बढ़ने से शहर के डाउन टाउन, बंड, राजबाग, लाल चौक, मैसूमा, डल गेट सहित अन्य कई क्षेत्र पानी भर जाएगा। राजबाग में रहने वाले मंजूर अहमद ने बताया कि जब 2014 में बाढ़ आई थी तो उनके क्षेत्र में सभी घरों की एक मंजिल पानी में पूरी तरह से डूब गई थी, जिसके चलते जानमाल का भी काफी नुकसान हुआ था। झेलम नदी के किनारे रहने मुश्ताक अली ने बताया कि दो दिन पहले तक झेलम नदी का बढ़ते जलस्तर से लोग डर हुए हैं। स्थानीय लोग चैन की नींद नहीं सो पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि जब भी उन्हें वर्ष 2014 का मंजर याद आता है तो उनकी रुह तक कांप जाती है। हालांकि, उन्होंने कहा कि शुक्रवार रात को नदी का जलस्तर कम होने से बेशक राहत मिली है, लेकिन खतरा अभी टला नही है।