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Srinagar News: प्रदेश में खुलेंगी 600 डेयरियां, 15000 को मिलेगा रोजगार

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- पशुपालक होंगे मालामाल, 12 हजार एमटी दूध पड़ोसी राज्य से किया जा रहा आयात
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-जम्मू-कश्मीर को 42 हजार एमटी दूध की है जरूरत
सतीश वालिया

जम्मू। प्रदेश में 600 से ज्यादा दूध की डेयरियां खोलने की तैयारी है। इनके खुलने से 15000 से ज्यादा लोगों को रोजगार हासिल हो सकेगा। इंटीग्रेटेड डेयरी डेवलपमेंट स्कीम के तहत मौजूदा समय में 5228 के करीब डेयरियां चल रही हैं। समग्र कृषि विकास योजना के तहत लाभ पहुंचाया जा रहा है। इसके लिए विभाग के पास आवेदन करना होगा। आवेदन करने के बाद पशु खरीद पर सब्सिडी दी जाएगी।
मौजूदा समय में 12 लाख मीट्रिक टन (एमटी) दूध पड़ोसी राज्य पंजाब से आयात हो रहा है। कुल 42 हजार एमटी दूध की जरूरत है। मौजूदा समय में 28 हजार एमटी दूध की पूरे प्रदेश में आपूर्ति की जा रही है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए 2028 तक 1500 से ज्यादा डेयरियां खोलने की योजना है।
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इससे पशुपालकों की आर्थिकी सुदृढ़ हो सकेगी। साथ ही दूध की मांग पूरी की जा सकेगी। प्रदेश में प्रति व्यक्ति 577 ग्राम दूध की प्रति व्यक्ति के हिस्से आ रहा है।



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डेढ़ लाख तक आ रहा खर्च



दो गाएं पालने पर करीब डेढ़ लाख रुपये खर्च आता है। इसमें महिलाओं को 40 हजार तक सब्सिडी दी जा ही है। अन्य लोगों को 25 से 30 प्रतिशत तक सब्सिडी का प्रावधान है। विभाग के अनुसार पशुपालन अवसंरचना विकास निधि से डेयरी प्रोसेसिंग यूनिट, वैल्यू-एडेड उत्पाद संयंत्र, पशु आहार संयंत्र और ब्रीड सुधार फार्म स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता दी जाती है। इसमें तीन फीसदी तक ब्याज में छूट मिलती है। राष्ट्रीय गोकुल मिशन में देसी नस्ल की गायों और भैंसों का विकास व संरक्षण किया जा रहा है।

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स्काॅस्ट जम्मू 23 पशुपालकों से खुलवाएगा डेयरी

स्कास्ट जम्मू 23 पशुपालकों को डेयरी खोलने के लिए समग्र कृषि विकास योजना के तहत वित्तीय सहायता कर रहा है। शेड निर्माण के बाद पशु पालन शुरू किया जा सकेगा। इससे पशुपालकों की आर्थिकी सुदृढ़ होगी। दो लाख तक वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
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स्काॅस्ट जम्मू की वेटरनरी विंग की ओर से पशुपालकों को डेयरी संचालन के लिए सहायता की जा रही है। इसी तरह विभाग भी कर रहा है। किसान डेयरी खोलकर लाभ कमा सकते हैं।

- सुशील गुप्ता, शोध निदेशक, स्काॅस्ट जम्मू
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