पुलवामा। मौसम की मेहरबानी और बागवानी विभाग की समय पर मिली सही सलाह के चलते इस साल कश्मीर में बादाम की बंपर फसल हुई है। पिछले दो-तीन वर्षों की तुलना में इस बार बादाम के उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे घाटी के बादाम उत्पादक बेहद संतुष्ट नजर आ रहे हैं।
पुलवामा के मुख्य बागवानी अधिकारी रियाज अहमद शाह ने ''अमर उजाला'' से बात करते हुए बताया कि इस साल बादाम की खेती के लिए मौसम काफी अनुकूल रहा। पिछले सालों में खराब मौसम के कारण उत्पादन में काफी गिरावट आई थी। उन्होंने आगे बताया कि शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के माध्यम से किसानों को समय पर कीटनाशक के छिड़काव और उर्वरक के इस्तेमाल को लेकर तकनीकी सलाह दी गई थी। अधिकारियों और किसानों की कड़ी मेहनत का ही नतीजा है कि इस बार उत्पादन का स्तर बेहतर हुआ है। बंपर फसल की खुशी के बीच किसानों ने बादाम की खेती के प्रति सरकार से अधिक ध्यान देने की मांग की है। पुलवामा के पयार गांव के बादाम उत्पादक गुलाम मोहम्मद भट का कहना है कि पिछले साल की तुलना में तो इस बार उपज अच्छी है, लेकिन अगर बीते तीन दशकों का रिकॉर्ड देखें तो बादाम का रकबा और पैदावार लगातार घटी है।
गुलाम मोहम्मद भट ने कहा कि एक दौर था जब अवंतीपोरा, त्राल, बीरवाह से लेकर मटन और आसपास के करेवा इलाकों में सिर्फ बादाम के पेड़ ही नजर आते थे। यहां से रोज़ाना 20 से 25 ट्रक भरकर बादाम दिल्ली, कोलकाता और चेन्नई की मंडियों में भेजे जाते थे। उनके अनुसार, जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम में आए अप्रत्याशित बदलाव, सूखे की मार और तापमान के 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने से बादाम के पेड़ सूखने लगे। इस वजह से कई किसानों ने बादाम छोड़कर सेब की बागवानी की ओर रुख कर लिया।