तीन सप्ताह तक चलने वाले मेले का रविवार हो हुआ समापन, अतिथियों ने प्रतिभागियों को सम्मानित किया
संवाद न्यूज एजेंसी
कुपवाड़ा। जिले के सीमांत गांव केरन में तीन सप्ताह तक चलने वाला मेला विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर संपन्न हुआ। जिला प्रशासन कुपवाड़ा, भारतीय सेना और पर्यटन विभाग के सहयोग से संयुक्त रूप से आयोजित इस मेले में स्थानीय लोगों, युवाओं और आगंतुकों ने खेल प्रतियोगिताओं, सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लिया। इस दौरान क्रिकेट, वॉलीबॉल, गतका, 200-मीटर दौड़ (रन फॉर फन), रस्साकशी हुई। अतिथियों ने प्रतिभागियों को सम्मानित किया।
डीसी श्रीकांत सुसे ने कहा कि केरन में सतत पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। इसके प्राचीन पर्यावरण, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और अनूठी सीमांत पहचान को संरक्षित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसी पहल वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के उद्देश्यों की पूरक हैं, जिसके तहत केरन जैसे सीमावर्ती गांवों को बेहतर बुनियादी ढांचे, कनेक्टिविटी और पर्यटन क्षमता के साथ विकसित किया जा रहा है। पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि ग्रीन केरन, क्लीन केरन अभियान को और मजबूत किया जाएगा। जल्द ही केरन के प्रवेश द्वार पर एक समर्पित सिंगल-यूज प्लास्टिक चेक पॉइंट स्थापित किया जाएगा, ताकि आगंतुकों को क्षेत्र में सिंगल-यूज प्लास्टिक ले जाने से हतोत्साहित किया जा सके। सभा को संबोधित करते हुए मेजर जनरल राकेश नायर ने दूर-दराज के क्षेत्रों में ऐसे आयोजनों के महत्व पर प्रकाश डाला। मेले में चिकित्सा जांच, करियर परामर्श, पर्यटन मार्गदर्शन और नशा मुक्ति जागरूकता के लिए स्टॉल भी लगाए गए थे। साथ ही स्थानीय हस्तशिल्प और जैविक कृषि उपज को प्रदर्शित करने वाले स्टॉल भी थे।
पंजीकृत होमस्टे और स्थानीय भोजनालयों ने आगंतुकों को स्थानीय आतिथ्य का अनुभव करने का अवसर प्रदान किया, जबकि ग्रीन केरन, क्लीन केरन अभियान ने यह सुनिश्चित किया कि उत्सव पर्यावरणीय रूप से जिम्मेदार और मजबूत बना रहे। समापन समारोह में प्रतिभागियों के बीच पुरस्कारों का वितरण और कार्यक्रम के सफल आयोजन में योगदान के लिए सराहना प्रमाण पत्रों का वितरण भी किया गया।