मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि अमेरिका को इस्राइल पर नियंत्रण रखना चाहिए ताकि ईरान के साथ युद्धविराम सफल हो और इसकी विफलता की जिम्मेदारी इस्राइल पर होगी।
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने गुरुवार को कहा कि अमेरिका को इस्राइल पर कुछ नियंत्रण रखना चाहिए ताकि ईरान के साथ प्रस्तावित युद्धविराम सफल हो सके।
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उमर अब्दुल्ला ने पाकिस्तान द्वारा मध्यस्थता में किए गए प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि पाकिस्तान ने वह किया जो अन्य देशों ने नहीं किया। उन्होंने इस्राइल द्वारा लेबनान में की जा रही बमबारी और निर्दोष नागरिकों की हताहतियों का हवाला देते हुए कहा कि ऐसे हालात में युद्धविराम टिक सकता है या नहीं।
यदि युद्धविराम विफल होता है, तो जिम्मेदारी पूरी तरह से इस्राइल की होगी, ईरान की नहीं। इसलिए अमेरिका को इस्राइल पर कुछ संयम बरतना चाहिए।
उमर अब्दुल्ला ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की लगातार बदलती भाषा और धमकियों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के शब्द उपयुक्त नहीं हैं और यदि आम व्यक्ति ऐसा करता तो उसके खिलाफ कार्रवाई होती लेकिन अमेरिका के राष्ट्रपति के लिए ऐसा नहीं होता।
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उन्होंने ईरान-यूएस संघर्ष के उद्देश्य और युद्ध के वास्तविक लाभ पर सवाल उठाते हुए कहा कि युद्ध के बाद ईरान ने हॉर्मुज की जलडमरूमध्य से शुल्क वसूलने का अवसर बनाया जबकि युद्ध से पहले यह मार्ग सभी के लिए खुला और निशुल्क था।
उमर अब्दुल्ला ने यह भी कहा कि भारत-पाकिस्तान के रिश्तों की तुलना में भारत-इस्राइल के निकट संबंध ने भारत को मध्यस्थता का भूमिका निभाने से रोका। उन्होंने कहा कि युद्धविराम एक सकारात्मक पहल है और यदि इसमें पाकिस्तान ने योगदान दिया, तो इसे स्वीकार करना चाहिए।