मीरवाइज उमर फारूक को हाउस अरेस्ट कर लिया गया और उन्हें श्रीनगर की जामिया मस्जिद में जुमे की नमाज अदा करने से रोका गया, जिस पर अंजुमन औकाफ ने विरोध जताया।
हुर्रियत कांफ्रेंस के अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारूक को शुक्रवार को हाउस अरेस्ट कर लिया गया और उन्हें श्रीनगर की जामिया मस्जिद में जुमे की सामूहिक नमाज अदा करने से रोका गया।
विज्ञापन
केंद्र सरकार ने इस सप्ताह की शुरुआत में मीरवाइज के नेतृत्व वाली अवामी एक्शन कमिटी (AAC) और शिया नेता मसूर अब्बास अंसारी के नेतृत्व वाली जम्मू कश्मीर इत्तिहादुल मुसलमीन (JKIM) को पांच साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया था, जिन पर आरोप है कि वे आतंकवाद का समर्थन करते हैं और अलगाववादी गतिविधियों को बढ़ावा देते हैं।
जामिया मस्जिद की प्रबंधक संस्था अंजुमन औकाफ ने मीरवाइज के हाउस अरेस्ट की कड़ी निंदा की। उसने एक बयान में कहा प्रशासन द्वारा उठाया गया यह मनमाना और अन्यायपूर्ण कदम रमजान के पाक महीने के दौरान उठाया गया है, जो दुनिया भर के मुसलमानों के लिए अत्यधिक आध्यात्मिक महत्व का है।
विज्ञापन
औकाफ ने कहा कि मीरवाइज को धार्मिक कर्तव्यों से वंचित करना और उनके प्रवचनों से मुस्लिम समुदाय को वंचित करना लोगों की धार्मिक भावनाओं को गहरे तौर पर ठेस पहुंचाता है। ऐसी पाबंदियां विशेषकर रमजान के पाक महीने में, पूरी तरह से अनुचित हैं और धार्मिक स्वतंत्रता के सिद्धांतों के खिलाफ हैं।