झील और लोगों दोनों की सुरक्षा में ये महत्वपूर्ण कदम, तनवीर सादिक :
जडीबल से विधायक और एनसी के मुख्य प्रवक्ता तनवीर सादिक ने कहा कि डल में (मीर बेहरी, निगीन, रखे अर्थ) रहने वाले लोगों को आखिरकार डल के पारिस्थितिकी तंत्र का जरूरी हिस्सा मान लिया गया है। सरकार ने जबरदस्ती विस्थापन के बजाय यथास्थान संरक्षण मॉडल अपनाया है।
डल-नगीन संरक्षण के लिए 212 करोड़ मंजूर किए गए हैं। आधुनिक गावों का विकास पहले से ही चल रहा है। ये झील और लोगों दोनों की सुरक्षा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यथास्थान संरक्षण का मतलब है कि लोग जहां संभव हो अपने पारंपरिक गावों में रह सकते हैं। कैपेक्स के तहत पहले से ही छह गांवों का विकास किया जा रहा है। सीवेज, संरक्षण, नेविगेशन और इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने के लिए 212.38 करोड़ की एक बड़ी एकीकृत डल-निगीन संरक्षण परियोजना को मंजूरी दी गई है।