लद्दाख के कोंगमरुला पास पर फंसे दो दक्षिण कोरियाई पर्वतारोहियों के लिए भारतीय सेना ने रात में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। जिसमे सेना के हेलिकॉप्टरों ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में दोनों को सुरक्षित निकालकर चिकित्सा सहायता के लिए अस्पताल पहुंचाया।
भारतीय सेना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह सिर्फ देश की सीमाओं की ही नहीं, बल्कि मानवता की भी रक्षक है। लद्दाख के कठिन और दुर्गम पहाड़ी इलाके में सेना ने दो विदेशी पर्वतारोहियों की जान बचाने के लिए रातभर चले एक चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।
विज्ञापन
घटना 4 सितंबर की रात की है। दक्षिण कोरिया के दो पर्वतारोही 'कोंगमरुला' चोटी के पास गंभीर रूप से बीमार हो गए। यह चोटी ‘मार्खा वैली ट्रेक’ का सबसे ऊंचा और कठिन हिस्सा है, जो समुद्र तल से करीब 17,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है।
रात करीब 8 बजे सेना की 'फायर एंड फ्यूरी कॉर्प्स' को जब इन पर्वतारोहियों की हालत बिगड़ने की सूचना मिली, तो बिना देर किए आर्मी एविएशन विंग ने रेस्क्यू ऑपरेशन की तैयारी शुरू कर दी। हालात बेहद चुनौतीपूर्ण थे, घना अंधेरा, ऊबड़-खाबड़ पहाड़ी इलाका और अत्यधिक ठंड। लेकिन सेना के हेलिकॉप्टर पायलटों ने नाइट विजन डिवाइस की मदद से ऑपरेशन को अंजाम दिया।
विज्ञापन
हेलिकॉप्टर को बेहद असमान और संकरी जगह पर उतारना पड़ा, लेकिन सेना की टीम ने अद्भुत साहस और कौशल दिखाते हुए दोनों पर्वतारोहियों को सुरक्षित निकाला और तुरंत एसएनएम अस्पताल, लेह पहुंचाया।