इंडिया का नाम बदलकर भारत करने की अटकलों के बीच पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) नेता उमर अब्दुल्ला ने कहा कि अगर यह कदम विपक्ष द्वारा अपने गठबंधन का नाम इंडिया रखने से जुड़ा है, तो हम अपना नाम बदल लेंगे।
उमर ने कहा कि हमारे संविधान में इंडिया और भारत दोनों का उल्लेख है। हालांकि उन्होंने सुझाव दिया कि यदि सत्तारूढ़ सरकार देश को इंडिया के रूप में नामित नहीं करना चाहती है, तो वे भारत का उपयोग कर सकते हैं, लेकिन देश के संविधान से इंडिया नाम को नहीं हटाया जाना चाहिए, क्योंकि देश में कई संस्थान इसका उपयोग करते हैं। यहां तक कि प्रधानमंत्री जिस विमान से इंडोनेशिया गए हैं, उस पर भी इंडिया और भारत लिखा है।
उमर ने कहा, कितने नाम बदलोगे? क्या आप चंद्रमा और अंतरिक्ष में रॉकेट भेजने वाले इसरो, एसबीआई, आईआईटी और आईआईएम के नाम भी बदल देंगे? उन्होंने तंज कसते हुए कहा, अगर ऐसा सिर्फ इसलिए है, क्योंकि विपक्ष ने अपना नाम भारत रखा है, तो हम अपना नाम बदल देंगे। हम देश को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहते। लेकिन आप कितने नाम बदलेंगे।
उमर ने कहा कि संसद के पांच दिवसीय विशेष सत्र में वन नेशन वन इलेक्शन पर चर्चा हो सकती है। हालांकि सत्र के लिए अभी तक कोई एजेंडा नहीं है। हम इसके पीछे के उद्देश्य को समझने में असमर्थ हैं।
उन्होंने कहा, मैंने अतीत में गठित कम से कम चार या पांच समितियों को देखा है, जिन्होंने यही प्रस्ताव रखा था। यदि इसके पीछे उद्देश्य प्रक्रिया को आसान बनाना है, तो किसी को कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन हम किसी को भी इसे क्षेत्रीय दलों के खिलाफ हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं देंगे।
इस बीच, पीडीपी प्रवक्ता मोहित भान ने कहा कि इंडिया का नाम भारत करने का विवाद ध्यान भटकाने वाली रणनीति है। आप इसे इंडिया कहें या भारत। इससे कहीं कोई बदलाव नहीं होने वाला। बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, महंगाई, मणिपुर और नूंह (हरियाणा) में नफरत का माहौल देश को भारत कहने से नहीं बदलेगा। लोगों से अपील है कि वे बुनियादी मुद्दों पर सवाल उठाएं। वन नेशन, वन इलेक्शन भी सिर्फ एक नारा था, क्योंकि अभी तक इसका कोई मसौदा नहीं है।