विकासखंड देवप्रयाग के डडुवा व भंडाली के ग्रामीणों की भूमि पर शराब फैक्ट्री लगाए जाने के विरोध में ग्रामीण लामबंद हो गए हैं। यहां आयोजित महापंचायत में जनप्रतिनिधियों, विभिन्न सामाजिक संगठनों व ग्रामीणों ने कहा कि किसी भी सूरत में शराब फैक्ट्री नहीं लगने दी जाएगी। चाहे इसके लिए न्यायालय की शरण में ही क्यों न जाना पड़े।
डडुवा गांव में मिनरल वाटर फैक्ट्री के स्थान पर शराब की फैक्ट्री लगाए जाने का शासनादेश जारी किए जाने से नाराज ग्रामीणों ने डडुवा में रविवार को महापंचायत बुलाई, जिसमें ग्रामीणों ने कहा कि एक कंपनी ने मिनरल वॉटर का प्लांट खोले जाने के नाम पर करीब 500 नाली भूमि औने-पौने दामों पर खरीदी और अब यहां मिनरल वॉटर के बजाय शराब की फैक्ट्री लगाए जाने का शासनादेश जारी कर दिया गया है। ब्लाक प्रमुख जयपाल पंवार ने कहा कि सरकार ने ग्रामीणों के साथ छलावा किया गया है।
वहीं प्रजामंडल पार्टी के समीर रतूड़ी ने कहा कि हमें अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़नी है, जिसके लिए ग्रामीण जब एकजुट होकर लामबंद हो जाएंगे तो शराब का उद्योग यहां पर किसी भी सूरत में नहीं लग पाएगा। यूकेडी के गणेश भट्ट ने कहा कि कोदा झंगोरा की बात करने वाली सरकार भांग की खेती व शराब उद्योग को बढ़ावा दे रही है।
उत्तराखंड नशा मुक्ति परिषद के जगमोहन भारद्वाज , किसान मंच के प्रदेश अध्यक्ष भोपाल सिंह चौधरी, प्रजामंडल पार्टी की अध्यक्षा विमला देवी , वेदप्रकाश बडोनी , प्रधान सोबन सिंह, ज्ञान सिंह, उत्तम भंडारी, देवसिंह नेगी, बीना चौधरी, राजू मोर्य, जगदंबा रतूड़ी, पूनम कैंतुरा, कुसुम जोशी आदि शामिल थे।
मंत्री प्रसाद नैथानी ने किया फोन से संबोधित
स्थानीय विधायक व काबीना मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी ने महापंचायत को फोन से संबोधित किया। कहा कि वह क्षेत्रीय जनता के साथ हैं। उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री से वार्ता की है।
कहा कंपनी ने जो एग्रीमेंट ग्रामीणों के साथ किया है वह उसी आधार पर वहां कार्य करे। कहा कि वह भी महापंचायत में आना चाहते थे लेकिन समय न मिलने के कारण वह नहीं आ पाए। इसी दौरान महापंचायत में मौजूद लोगों ने मंत्री के नहीं पहुंचने पर नाराजगी जताई। इसी बात पर आयोजक और अन्य लोग आपस में उलझ गए। मामला कुछ देर बाद शांत हो पाया।