पुलिस ने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी कर सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने और सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील जानकारी सार्वजनिक नहीं करने की अपील की है। मनाही के बाद भी जानकारी शेयर करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
सुरक्षा एजेंसियों को इनपुट मिले हैं कि घाटी में सोशल मीडिया से भ्रामक तस्वीरें, खबरें और जानकारियां शेयर की जा रही हैं। इसका मकसद घाटी की शांति व्यवस्था को प्रभावित करना हो सकता है। पुलिस ने आगाह किया है कि किसी घटना से जुड़ी अपुष्ट खबरें, संवेदनशील तस्वीरें और सुरक्षा बलों की तैनाती या गतिविधियों से संबंधित जानकारी साझा करने से कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। ऐसी सामग्री से आम लोगों में भय और भ्रम फैलने के साथ सुरक्षा एजेंसियों के काम में भी बाधा आ सकती है।
अफवाह से बढ़ सकती है परेशानी
सोशल मीडिया पर कई बार किसी घटना की पुरानी तस्वीर या वीडियो को मौजूदा घटना से जोड़कर साझा कर दिया जाता है। इसी तरह, बिना आधिकारिक पुष्टि के गोलीबारी, विस्फोट, आतंकी गतिविधि या किसी इलाके में तनाव की खबर फैलने से लोगों में अनावश्यक दहशत पैदा हो सकती है। पुलिस की अपील है कि किसी संदेश को आगे भेजने से पहले उसके स्रोत और प्रामाणिकता की जांच करें।
मदद चाहिए तो 112 पर दें जानकारी
आपात स्थिति में सोशल मीडिया पोस्ट डालने या मदद की अपील वायरल करने के बजाय पुलिस हेल्पलाइन 112 पर संपर्क करना अधिक उचित है। कॉल के दौरान घटना का स्थान, समस्या की प्रकृति और जरूरत से जुड़ी स्पष्ट जानकारी दें, ताकि संबंधित एजेंसियों तक सूचना पहुंच सके।