छपे और फिक्स्ड कैलेंडर में क्या है समस्या :
हिजरी कैलेंडर प्रिंटेड आते हैं। एप में भी उनका फिक्स्ड फॉर्मेट होता है। हिजरी महीना 29 या 30 दिन का होता है और यह चांद के हिसाब से ही तय होता है। कई बार ऐसा होता है कि प्रिंटेड कैलेंडर में महीना 30 को हो और चांद 29 का हो जाए, या छपा 29 का हो और चांद 30 का हो जाए। ऐसे में एप या फिक्स्ड कैलेंडर की आगे की सभी तारीखें गलत हो जाती हैं। पंचांग में इसके लिए अतिरिक्त दिनों या खरमास की व्यवस्था होती है जबकि हिजरी कैलेंडर पूर्वानुमान के हिसाब से होते हैं। यही समस्या थी जिसकी वजह से इसे बनाया गया।
एप में क्या है खास :
करीब दो महीने पहले विकसित यह एप हिजरी कैलेंडर दिखाता है। अगर हिजरी महीने में दिन घटता या बढ़ता है तो वह इस एप पर तुरंत अपडेट हो जाता है। इस फ्री एप को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। इस समाज की सुविधा के लिए तकनीक और आध्यात्मिकता को मिलाया गया है। तारीखों के अलावा रमजान, ईद व उर्स आदि की जानकारी भी इसमें मिल जाती है। यह हिंदी, अंग्रेजी, कश्मीरी, उर्दू, जर्मन, फ्रेंच सहित 13 भाषाओं में उपलब्ध है। इस एप का इस्तेमाल करीब 50 देशों में हो रहा है। यह आपकी लोकेशन से ही नमाज का वक्त और तारीखें तय कर देता है। अभी भी इसमें अपडेट जारी हैं।
पिता बार-बार पूछते थे तारीख...इसी से मिली राह
उन्होंने कहा, मैंने श्रीनगर लौटकर दोस्त के साथ तकनीक पर आधारित लॉजिस्टिक का कारोबार शुरू किया। यह काफी अच्छा चल रहा था। एक खलिश थी दिल में कि कुछ ऐसा किया जाए जो मेरे आईटी इंजीनियरिंग की पढ़ाई के अनुरूप हो। इसी दौरान मेरे पिता के बार-बार के सवालों ने मुझे हिजरी कैलेंडर के बारे में सोचने के लिए मजबूर किया। वह अकसर मुझसे चांद की तारीखें पूछते थे। तभी इसका खयाल आया।
इससे पहले ऐसी कोई भी एप उपलब्ध नहीं है जो ऐप हैं वह भी छपे कैलेंडर की तरह फिक्स्ड हैं। हिजरी तारीखों को लेकर आम लोगों में अनिश्चितता की स्थिति रहती है। वह क्षेत्रीय मस्जिदों व अन्य स्रोतों पर निर्भर रहते हैं। कोई ऐसा टूल था नहीं कि जिससे मैं आने वाली सही तारीख देख पाऊं। नई जनरेशन फोन पर ज्यादा निर्भर है, ऐसे में एक ऐसी एप बनाने का ख्याल आया जो इन सब परेशानियों को दूर करती हो। हम सब कैलेंडर या गूगल कैलेंडर इस्तेमाल करते हैं, अपना शिड्यूल उसमें डालते हैं, लेकिन हिजरी की तारीखों और धार्मिक कार्यक्रमों के लिए यह सुविधा उपलब्ध नहीं थी।