इल्तिजा मुफ्ती ने जम्मू-कश्मीर में शराबबंदी पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के बयान को तर्कहीन कहा। उन्होंने कहा कि हिंदू बहुल राज्यों में शराबबंदी लागू हो सकती है तो जम्मू-कश्मीर में इसे गलत कैसे माना जा सकता है।
इल्तिजा मुफ्ती ने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के शराबबंदी पर दिए गए बयान को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि अगर हिंदुत्व पर शराबबंदी लागू करना गलत है तो गुजरात और बिहार जैसे राज्यों में यह संभव है।
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सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इल्तिजा मुफ्ती ने लिखा कि मुख्यमंत्री की शराबबंदी से इनकार करना तर्कहीन है। उमर अब्दुल्ला का यह कहना है कि हिंदू धर्म में शराब की स्थापना नहीं की जाती है, इसलिए इस पर प्रतिबंध लगाना गलत होगा यह समझ से परे है।
उन्होंने सवाल उठाया कि हिंदू बहुल राज्यों गुजरात और बिहार में शराबबंदी के बिना कोई बड़ा विरोध लागू होता है तो जम्मू-कश्मीर में ऐसा क्यों नहीं हो सकता। इल्तिजा मुफ्ती ने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर में अपनी पहचान को लेकर गर्व है लेकिन बहुसांख्यिक समुदाय की धार्मिक मित्रता को मान्यता देना और असंवेदनशील होना है।
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दरअसल रविवार को गांदरबल में गद्दार से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से जम्मू-कश्मीर में शराबबंदी की मांग को लेकर सवाल पूछा गया था। इसमें उन्होंने कहा था कि सरकार किसी को भी शराब पीने के लिए मजबूर नहीं कर रही है। किसी को भी शराब पीने के लिए मजबूर नहीं किया जा रहा है। लोग अपने मठ से शराब की सजा पर जा रहे हैं। हम उन्हें वहां खींचकर नहीं ले जा रहे हैं और न ही इसका प्रचार कर रहे हैं।