उमर अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा दिलाने की मांग हर बैठक में उठाई जा रही है और इस पर प्रक्रिया लगातार जारी है। उन्होंने शराब की दुकानों को लेकर स्पष्ट किया कि सरकार शराब को बढ़ावा नहीं दे रही, बल्कि युवाओं को इससे दूर रखने के लिए नई दुकानें खोलने पर रोक लगाई गई है।
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा वापस दिलाने की प्रक्रिया लगातार जारी है। काश सिर्फ एक बैठक से ही राज्य का दर्जा मिल जाता, लेकिन यह एक लंबी प्रक्रिया है। मैं हर बैठक में स्टैट्हुड की मांग उठाता हूं, लेकिन इसके साथ-साथ अन्य कई मुद्दों पर भी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से चर्चा करनी पड़ती है।
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श्रीनगर में मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शराब की दुकानों को लेकर भी सरकार का पक्ष स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि ये दुकानें केवल उन लोगों के लिए हैं जिनके धार्मिक विश्वास उन्हें शराब सेवन की अनुमति देते हैं। आज तक जम्मू-कश्मीर की किसी भी सरकार ने शराब की दुकानों पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाया है। इसका मतलब यह नहीं कि हम शराब के सेवन को बढ़ावा देना चाहते हैं।
उनकी सरकार ने इस दिशा में कई कदम उठाए हैं। सरकार ने कोई नई शराब की दुकान नहीं खोली है और यह सुनिश्चित किया गया है कि ऐसी दुकानें उन स्थानों पर न हों, जहां युवाओं पर इसका गलत प्रभाव पड़ सकता हो। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके राजनीतिक विरोधी इस मुद्दे को उठाकर अपनी पिछली विफलताओं को छिपाने की कोशिश कर रहे हैं।