आजादी के बाद पहली बार कश्मीर के नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर स्थित टीटवाल इलाके में नवनिर्मित शारदा मंदिर में शारदीय नवरात्र की पूजा हुई। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लेकर आशीर्वाद प्राप्त किया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसका स्वागत करते हुए कहा कि यह कश्मीर घाटी में शांति की वापसी का प्रतीक है।
इस दौरान मंदिर में पंचलोहा मूर्ति प्रतिष्ठापित की गई है। इससे पहले मां शारदा की मूर्ति को कर्नाटक के श्रृंगेरी से उत्तरी कश्मीर में नियंत्रण रेखा के करीब स्थित टीटवाल तक ले जाने के लिए राष्ट्र यात्रा शुरू की गई।
गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि यह गहन आध्यात्मिक महत्व की बात है कि 1947 के बाद पहली बार इस वर्ष कश्मीर के ऐतिहासिक शारदा मंदिर में नवरात्रि पूजा आयोजित की गई। इससे पहले इसी चैत्र नवरात्रि पूजा की गई। शारदीय नवरात्रि पूजा के मंत्र मंदिर में गूंजे।
गृहमंत्री शाह ने कहा कि वह भाग्यशाली रहे कि उन्हें 23 मार्च 2023 को जीर्णोद्धार के बाद शारदा माता मंदिर को फिर से उद्घाटन करने का अवसर मिला। यह न केवल घाटी में शांति की वापसी का प्रतीक है, बल्कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक लौ के फिर से प्रज्वलित होने का भी प्रतीक है।