पहलगाम आतंकी हमले की बरसी से पहले केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रहने और सुरक्षा ग्रिड को अभेद्य बनाने के निर्देश दिए। जंगलों में छिपे 20 सक्रिय विदेशी आतंकियों पर सर्च ऑपरेशन तेज करने और किसी भी साजिश को विफल करने के लिए कार्रवाई जारी रखने को कहा गया है।
केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने पहलगाम आतंकी हमले की बरसी से पहले सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा ग्रिड को अभेद्य बनाया जाए। दुश्मन की किसी भी साजिश को विफल करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से हाई अलर्ट मोड पर रखा जाए।
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केंद्रीय गृह सचिव ने सोमवार दोपहर बाद नई दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये उच्चस्तरीय बैठक कर सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की। बैठक में प्रदेश में आतंकवाद विरोधी अभियानों और समग्र सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा हुई। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने करीब एक माह पहले समीक्षा बैठक में जो निर्देश दिए थे उन पर हुए अमल के संबंध में उन्होंने फीडबैक लिया। शाह फरवरी में जम्मू आए थे।
सूत्रों का कहना है कि केंद्रीय गृह सचिव ने जम्मू संभाग के पहाड़ों और घने जंगलों में छिपे आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई पर चर्चा की। फरवरी में किश्तवाड़ में जैश कमांडर सैफुल्लाह को ढेर किए जाने के बाद भी डोडा, किश्तवाड़, उधमपुर और कठुआ जिले के जंगलोंं में 20 विदेशी आतंकी सक्रिय हैं। इनके सफाए के लिए सुरक्षाबल सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं।
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गर्मी से पहले पर्यटन स्थलों की सुरक्षा पुख्ता की जाए
केंद्रीय गृह सचिव ने कहा कि गर्मी के दिनों में देश और विदेश से लाखों की संख्या में पर्यटक जम्मू-कश्मीर आते हैं। खासताैर पर वे कश्मीर घूमने जाते हैं। लिहाजा पर्यटन स्थलों की सुरक्षा और सख्त किए जाने की जरूरत है।
आतंकी मददगारों के नेटवर्क को ध्वस्त करें
केंद्रीय गृह सचिव ने आतंकियों को रसद और पनाह देने वाले मददगारों के नेटवर्क को ध्वस्त करने केे निर्देश दिए। बैठक में पुलिस बल के आधुनिकीकरण पर भी चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार पुलिस बल को अत्याधुनिक हथियारों और उपकरणों से लैस किया जाएगा।