फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अनंतनाग में दहला लाल चौक: घाटी में फिर गूंजी गोलियां, आतंकियों ने पुलिसकर्मी को बनाया निशाना; एक जवान बलिदान

Wed, 22 Jul 2026 05:11 PM IST
Nikita Gupta अमर उजाला, नेटवर्क अनंतनाग

सार

जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग आतंकी हमले में अमरनाथ यात्रा सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी बलिदान। 
विज्ञापन
बलिदानी हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले से एक बार फिर दहला देने वाली खबर सामने आई है। पहलगाम हमले की टीस अभी ठंडी भी नहीं हुई थी कि बुधवार को आतंकवादियों ने एक बार फिर घाटी की शांति को निशाना बनाया।

विज्ञापन

अनंतनाग के व्यस्त लाल चौक (कोकेरनाग रोड) पर ड्यूटी के दौरान घात लगाकर बैठे अज्ञात बंदूकधारियों ने जम्मू-कश्मीर पुलिस के हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। इस कायराना और दुस्साहसिक हमले में वे गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने वीरगति प्राप्त कर ली। दिनदहाड़े हुए इस आतंकी हमले से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और एक बार फिर घाटी में भारी तनाव का माहौल पैदा हो गया है। इस घटना के बाद वहां पहुंचे पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों में भारी दहशत देखी जा रही है।

टीआरएफ ने ली हमले की जिम्मेदारी
घटना के तुरंत बाद लश्कर-ए-ताइबा की प्रॉक्सी शाखा माने जाने वाले प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन टीआरएफ (द रेजिस्टेंस फ्रंट) ने एक बयान जारी कर इस हमले की जिम्मेदारी ली है। संगठन ने अमरनाथ यात्रा की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देते हुए इस हमले को अंजाम देने का दावा किया है। साथ ही अपने बयान में भविष्य में भी इस तरह की वारदातों को जारी रखने की धमकी दी है। इस नापाक हरकत से सुरक्षा तंत्र की नींद उड़ गई है।

डीजीपी नलिन प्रभात ने संभाला मोर्चा, दिए सख्त निर्देश-
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नलिन प्रभात और स्पेशल डीजीपी एस.जे.एम. गिलानी ने तुरंत स्थिति का जायजा लिया और अनंतनाग के लाल चौक पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था की उच्चस्तरीय समीक्षा की। डीजीपी ने बलिदान हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी को अश्रुपूरित श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि पूरा देश इस मुश्किल घड़ी में शहीद के परिवार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि यह घिनौना कृत्य कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आतंकवादियों और उनके मददगारों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। सुरक्षा बल जमीन पर पूरी मुस्तैदी से काम कर रहे हैं और हमलावरों को जल्द ही कानून के कटघरे में लाया जाएगा।

सुरक्षा बल मुस्तैद, तलाशी अभियान जारी
हमले के तुरंत बाद पूरे इलाके को सील कर दिया गया है। सुरक्षा बलों और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने संयुक्त रूप से बड़े पैमाने पर कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन (सीएएसओ) शुरू कर दिया है। चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और फरार आतंकवादियों की धरपकड़ के लिए आधुनिक तकनीक और खुफिया तंत्र की मदद ली जा रही है।

दूसरी ओर, साइबर पुलिस जम्मू-कश्मीर ने नागरिकों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं के लिए सख्त एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने अपील की है कि अनंतनाग हमले से जुड़ी कोई भी संवेदनशील तस्वीर या वीडियो सोशल मीडिया पर साझा न करें, क्योंकि इससे चल रही जांच प्रभावित हो सकती है और सुरक्षा को खतरा पैदा हो सकता है। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

पिछले दिनों हुए प्रमुख आतंकवादी हमले
घाटी में सुरक्षाबलों और नागरिकों को निशाना बनाने की यह कोई पहली घटना नहीं है। पिछले कुछ महीनों में आतंकियों ने कई कायराना हमलों को अंजाम दिया है

पहलगाम हमला
अनंतनाग जिले के ही पर्यटन क्षेत्र पहलगाम में पर्यटकों और सुरक्षाबलों को हाल ही में निशाना बनाया गया था, जिससे पर्यटन सीजन के दौरान भारी दहशत का माहौल बना है।

गांदरबल हमला (20 अक्तूबर 2024)
सोनमर्ग (गांदरबल) के गगनगीर इलाके में एक सुरंग निर्माण स्थल पर आतंकवादियों ने हमला किया था, जिसमें एक डॉक्टर समेत 7 मजदूरों की जान चली गई थी। इस हमले की भी व्यापक स्तर पर निंदा हुई थी।

रियासी बस हमला (9 जून 2024)
शिव खोड़ी से कटड़ा जा रही तीर्थयात्रियों की बस पर आतंकवादियों ने घात लगाकर गोलीबारी की थी, जिससे बस खाई में गिर गई थी और इस हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई थी तथा कई अन्य घायल हो गए थे।
विज्ञापन

एलजी मनोज सिन्हा का बयान
एलजी बोले मैंने अनंतनाग में हुए आतंकी हमले के बाद हालात की समीक्षा के लिए डीजीपी श्री नलिन प्रभात से बात की। ड्यूटी के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी के परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। पूरा देश बलिदानी के परिवार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। मैं इस कायराना हमले की कड़ी निंदा करता हूं। यह घिनौना कृत्य किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जम्मू-कश्मीर पुलिस और हमारे सुरक्षा बल मैदान में हैं और दोषियों को जल्द ही कानून के कटघरे में लाया जाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें