फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hazratbal Controversy: अशोक स्तंभ को लेकर कश्मीर में मचा बवाल; पुलिस ने 25 से अधिक लोगों को लिया हिरासत में

Sun, 07 Sep 2025 04:59 PM IST
निकिता गुप्ता अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर

सार

हजरतबल दरगाह में राष्ट्रीय प्रतीक अशोक चिन्ह लगाने को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद उसे तोड़ दिया गया और पुलिस ने इस मामले में 25 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने वक्फ बोर्ड से माफी मांगने को कहा, जबकि राजनीतिक दलों ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया दी।
विज्ञापन
हजरतबल दरगाह में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, फारूक अब्दुल्ला सहित अन्य लोग ईद मिलाद-उन-नबी की नमाज अद - फोटो : PTI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

श्रीनगर स्थित प्रसिद्ध हजरतबल दरगाह में लगे अशोक चिन्ह (राष्ट्रीय प्रतीक) को क्षतिग्रस्त करने के मामले में 25 से अधिक लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। यह घटना शुक्रवार की जुमे की नमाज के बाद सामने आई थी, जिसके बाद इलाके में विवाद और राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।

विज्ञापन


पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज और अन्य वीडियो की जांच के आधार पर इन लोगों को हिरासत में लिया गया है, हालांकि अब तक किसी की औपचारिक गिरफ्तारी नहीं हुई है।

इस पूरे विवाद की शुरुआत गुरुवार को हुई जब हजरतबल दरगाह, जहां पैगंबर मोहम्मद की एक पवित्र निशानी रखी गई है, में अशोक स्तंभ (राष्ट्रीय प्रतीक) वाला एक पट्टिका लगाया गया। शुक्रवार को नमाज के बाद कुछ श्रद्धालुओं ने इसे इस्लामी एकेश्वरवाद (तौहीद) के विरुद्ध मानते हुए तोड़ दिया और हटा दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन

इस घटना के बाद राजनीतिक दलों और संगठनों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली।
नेशनल कॉन्फ्रेंस पीडीपी और माकपा ने इस कदम को भड़काऊ और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बताया और वक्फ बोर्ड की चेयरपर्सन दरख्शां अंद्राबी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि वक्फ बोर्ड को अपनी गलती मानते हुए माफी मांगनी चाहिए थी। 
सरकारी प्रतीक चिह्न धार्मिक स्थलों में इस्तेमाल नहीं होते। मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा या दरगाह  ये सरकारी संस्थान नहीं हैं।
वहीं, बीजेपी ने इस तोड़फोड़ की घटना की निंदा करते हुए इसे आतंकवाद और अलगाववाद को दोबारा उकसाने की कोशिश बताया।

इस बीच, दरख्शां अंद्राबी ने उन लोगों को 'गुंडा' कहकर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की, यहां तक कि सख्त सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम के तहत केस दर्ज करने की बात भी कही। इस पर उमर अब्दुल्ला ने प्रतिक्रिया दी कि पहले तो माफी मांगनी चाहिए थी, अब धमकियों का सहारा लिया जा रहा है। वक्फ बोर्ड ने जनता की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और जांच जारी है।

संबंधित वीडियो
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें