जम्मू-कश्मीर में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। युवा सेवा और खेल निदेशालय ने इस अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि केवल लंबा जीवन पर्याप्त नहीं, बल्कि वह स्वस्थ, सार्थक और आनंदमय भी होना चाहिए।
उपराज्यपाल ने खुशी जताई कि पिछले पांच वर्षों में शिक्षा और स्वास्थ्य विभागों ने योग को हर वर्ग तक पहुंचाया। योग गांवों से लेकर शहरों तक, युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक पहुंचा। डोडा के स्पोर्ट्स स्टेडियम में हजारों योग प्रेमी एकत्र हुए। उन्होंने 'स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग' थीम पर सामूहिक योगाभ्यास किया।
'योग अब कश्मीरियों के दैनिक जीवन का हिस्सा'
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर राज्य की स्वास्थ्य मंत्री सकीना इटू ने कहा कि योग अब कश्मीरियों के दैनिक जीवन का हिस्सा बनता जा रहा है। जम्मू कश्मीर ने वर्षों तक कठिन परिस्थितियों का सामना किया है, जिसके कारण युवाओं में व्यापक स्तर पर अवसाद की स्थिति पैदा हुई। आज की युवा पीढ़ी कई चुनौतियों का सामना कर रही है, लेकिन यदि वे नियमित रूप से योग करें और इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं, तो इन समस्याओं को काफी हद तक कम किया जा सकता है।