- लोगों ने लगाया अनदेखी का आरोप, मंजूरी का इंतजार कर रही डीपीआर
गांदरबल। मध्य कश्मीर के गांदरबल में यारमुकाम, अवन मोहल्ला, दाची मोहल्ला, शाह मोहल्ला, चकपोरा और आस-पास की बस्तियों के निवासी लंबे समय से अपने गांवों के सड़क संपर्क मार्ग का इंतजार कर रहे हैं। मंगलवार को लोगों ने कहा कि बार-बार गुहार लगाने के बावजूद, प्रशासन लगभग एक दशक से मंजूरी का इंतजार कर रहे 2.5 किमी सड़क के हिस्से पर काम शुरू करने में नाकाम रहा है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि 3.42 करोड़ रुपये की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट 2014 में सड़क एवं भवन विभाग की ओर से तैयार की गई थी फिर भी यह प्रोजेक्ट आज तक मंजूर नहीं हुआ है जिससे सैकड़ों परिवारों को कड़ाके की सर्दियों में परेशानी हो रही है।
यारमुकाम के एक स्थानीय निवासी दिलपजीर अहमद ने कहा कि हमने 2014 में यह सड़क प्रस्ताव आरएंडबी को सौंपा था। डीपीआर तैयार हो गई थी लेकिन कभी मंजूर नहीं हुई। लगभग 300 परिवार प्रभावित हैं। सर्दियों में मरीजों को कंधों पर उठाकर ले जाना पड़ता है और यहां तक की ट्रैक्टर भी बर्फ से नहीं निकल पाते हैं। उन्होंने उपराज्यपाल प्रशासन, जिला प्रशासन गांदरबल और जन प्रतिनिधियों से तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि हम उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, जन प्रतिनिधियों और डीसी गांदरबल से तुरंत कदम उठाने का अनुरोध करते हैं। अगर कार नहीं चल सकती और बर्फ हटाने वाली गाड़ियां नहीं पहुंच सकतीं तो लोग यहां कैसे जिंदा रहेंगे। अवन मोहल्ला के एक अन्य निवासी ज़ुबैर अहमद ने कहा कि यह इलाका 8-10 सालों से उपेक्षा का शिकार है। किसी भी सरकारी अधिकारी या विधायक ने हमारी चिंताओं पर ध्यान नहीं दिया है। जब भी बर्फबारी होती है सड़कें पूरी तरह से बंद हो जाती हैं। यहां तक कि राशन खरीदना या मरीजों को ले जाना भी बहुत मुश्किल हो जाता है।
यारमुकाम के एक निवासी मोहम्मद सादिक ने कहा कि नेता सिर्फ चुनाव के समय आते हैं। वे वोट मांगने आते हैं लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद कोई वापस नहीं आता। यहां के लोग भगवान भरोसे हैं।
दौरे के दौरान लोगों की शिकायतों पर आरएंडबी के एक अधिकारी ने कहा कि डीपीआर आगे भेज दी गई है। मैं इसे मंजूरी के लिए चीफ इंजीनियर के पास ले जाऊंगा। तीन-चार दिनों के अंदर, हमारे फील्ड स्टाफ उस रास्ते का इंस्पेक्शन करेंगे और तुरंत आने वाली दिक्कतों को ठीक करेंगे।