यात्रा मार्गों की सुरक्षा को बनाया सख्त
अधिकारियों ने बताया कि यह गिरफ्तारी राष्ट्र विरोधी तत्वों को स्पष्ट संदेश देती है कि अमरनाथ यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की अवांछनीय गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यात्रा मार्गों पर इलेक्ट्रॉनिक निगरानी को पहले ही तेज किया जा चुका है और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की रियल-टाइम पहचान और कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
कैसे काम करता है एफआरएस?
अमरनाथ यात्रा मार्ग पर बढ़ती सुरक्षा जरूरतों को देखते हुए पुलिस ने दो सप्ताह पहले ही एफआरएस सिस्टम स्थापित किया था। इस तकनीक में ब्लैकलिस्टेड आतंकियों और संदिग्ध ओजीडब्ल्यू का डाटा अपलोड किया गया है। जैसे ही कोई ऐसा चेहरा कैमरे की निगरानी में आता है, सुरक्षा केंद्र में हूटर बज उठता है और तुरंत अलर्ट जारी कर सुरक्षाबलों को कार्रवाई के लिए सक्रिय किया जाता है। एफआरएस चेहरे की विशिष्ट विशेषताओं का विश्लेषण कर डिजिटल पहचान सुनिश्चित करता है और उसे पहले से मौजूद डेटाबेस से मिलाकर सटीक मिलान करता है। इस तकनीक का उपयोग सुरक्षा, निगरानी, कानून प्रवर्तन और आतंकवाद रोधी अभियानों में बड़ी सफलता के साथ किया जा रहा है।