दिव्या डी की जांच के आधार पर अदालत ने इस मामले में सभी 11 आरोपियों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही पीड़ित बच्चों को 51 लाख रुपये का मुआवजा देने का भी आदेश दिया। इसे पुडुचेरी के इतिहास में अपनी तरह का पहला मामला बताया जा रहा है।
इस मामले की जांच के दौरान दिव्या डी ने सबूत जुटाने और पीड़ित बच्चों को न्याय दिलाने में अहम भूमिका निभाई। उनके जांच कौशल और संवेदनशीलता को देखते हुए उन्हें यह सम्मान दिया गया है।
दिव्या डी पुडुचेरी में तैनाती से पहले जम्मू-कश्मीर में एसएसपी सोपोर, एसपी मुख्यालय बारामुला और एसपी एसआईए कश्मीर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर काम कर चुकी हैं। उनकी इस उपलब्धि से जम्मू-कश्मीर पुलिस कैडर और खासकर उत्तरी कश्मीर का मान बढ़ा है।