पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने आज उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात की और कश्मीरी पंडितों की वापसी और पुनर्वास को लेकर एक औपचारिक प्रस्ताव सौंपा।
बैठक के बाद महबूबा मुफ्ती ने मीडिया को बताया कि, हमने उपराज्यपाल से मुलाकात कर एक बार फिर कश्मीरी पंडितों की घाटी में वापसी की मांग को दोहराया। हमारा मानना है कि कोई भी राजनीतिक प्रक्रिया सफल नहीं हो सकती, जब तक कि कश्मीरी पंडितों की भागीदारी नहीं होती।
उन्होने यह भी कहा कि इस विषय पर बनाया गया दस्तावेज उपराज्यपाल को भेजा गया है, साथ ही केंद्रीय गृह मंत्री और सीएम उमर अब्दुल्ला को भी भेजा जाएगा।
पीएम पैकेज कर्मचारियों की स्थिति पर चिंता
महबूबा मुफ्ती ने कहा कि प्रधानमंत्री पैकेज में काम करने वाले कई कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को बहुत जटिल तबादला प्रक्रिया से परेशानी है। सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे ऐसे स्थानों पर काम न करें जहां वे असुरक्षित महसूस करते हैं।
राजनीतिक आरक्षण की मांग
कश्मीरी पंडितों की वापसी एक दिन में संभव नहीं है, लेकिन सरकार को उनके लिए राजनीतिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने हेतु आरक्षण देना चाहिए।
अमरनाथ यात्रा और मेल-मिलाप की पहल
उनका कहना था कि अमरनाथ यात्रा पर भी चर्चा हुई थी और उपराज्यपाल को बताया गया कि कश्मीरी लोग इस यात्रा का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं और इसमें सक्रिय भागीदारी करना चाहते हैं।
कैदियों की रिहाई की अपील
ईद-उल-अजहा को ध्यान में रखते हुए महबूबा ने उपराज्यपाल से अपील की कि जिन कैदियों पर गंभीर आरोप नहीं हैं, उन्हें रिहा किया जाए और जो कैदी बाहर के जेलों में बंद हैं, उन्हें कश्मीर स्थानांतरित किया जाए ताकि वे त्योहार अपने परिवारों के साथ मना सकें।
मेला खीर भवानी में स्वागत का ऐलान
महबूबा मुफ्ती ने यह भी ऐलान किया कि वह खीर भवानी मेले में कश्मीरी पंडितों का स्वागत करने स्वयं जाएंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पहल राजनीतिक नहीं बल्कि व्यक्तिगत स्तर पर मेल-मिलाप का प्रतीक होगी।
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