जम्मू कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर की विश्व प्रसिद्ध डल झील में गुरुवार को एक ऐसी मछली मिली जिसे देख सभी लोग भौचक्के रह गए। बता दें कि इस महीने डल झील के किनारे स्थित शेर-ए-कश्मीर कांफ्रेंस सेंटर (एसकेआईसीसी) में आयोजित होने वाली जी20 बैठक से पहले झील की सफाई करने के लिए डबल शिफ्ट में काम जारी है।
इसी के चलते सफाई के दौरान एक मशीन पर तैनात एक कर्मचारी ने ऐसी मछली देखी जिसे देख वो हैरान हो गया। उसने बताया कि उसने इसे जैसे ही अपने हाथ में उठाया तो उसने उसकी ऊँगली काटने की कोशिश की लेकिन उसने ऊँगली बचा ली। बता दें कि इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल भी हुआ है।
इस बीच डल झील की सफाई में लगे लेकस कंज़र्वेशन मैनेजमेंट अथॉरिटी (एलसीएमए) के रिसर्च एंड मॉनिटरिंग सेल के एक अधिकारी मसूद अहमद ने कहा, "रोज़ाना की तरह मशीनें डिवीडिंग कर रही थी तो एक मशीन की कन्वेयर बेल्ट पर यह मछली।
पहली बार ऐसी मछली देखि जिसे ''एलीगेटर गार''के नाम से जाना जाता है। हर एक के लिए हैरानगी की बात है कि ऐसी मछली देखि जो मगरमछ के साथ मिल्तीझुलती है। ऐसा पहले नहीं देखा है।" इस बीच लोगों में यह सवाल पैदा हो रहे हैं कि क्या ऐसी मछली पाए जाना खतरनाक तो नहीं। मसूद ने कहा, "इसे हम मत्सय विभाग और स्कॉस्ट के साथ मिलकर एनालाइज़ करेंगे। उनकी मदद से यह देखें कि इससे डल में मौजूद स्पीशीज पर क्या असर पड़ेगा।"
एलिगेटर गार कौन सी मछली है
नैशनल ज्यॉग्रैफिक पर दी गई जानकारी के मुताबिक एलीगेटर गार, गार परिवार की सबसे बड़ी प्रजाति है। ऐसी मछलियां उत्तरी अमेरिका में मीठे पानी में पाई जाती हैं। लेकिन ये खारे पानी को भी सहन कर सकती हैं। उम्र 18 से 20 साल होती है। शरीर टारपीडो के आकार का होता है। आमतौर पर रंग भूरा या जैतून जैसा होता है। बड़े-बड़े दांत होते हैं। मांसाहारी होती हैं।
यह मछली करीब 10 फीट (लगभग 3 मीटर) तक लंबी हो सकती है। इनका वजन 350 पांउड (करीब 159 किलोग्राम) तक हो सकता है। एलीगेटर गार दिन में सुस्त रहती है और रात को शिकार करती है। आमतौर पर पानी में रहने वाले जीवों, जैसे कछुओं का शिकार करती है। लेकिन खतरा महसूस होने पर इंसानों पर भी हमला कर देती है। उत्तरी अमेरिका में इसके अटैक के केस सामने आते रहते हैं।