बारामुला से सांसद शेख अब्दुल रशीद तिहाड़ जेल में बंद हैं और उन्होंने 28 नवंबर को जम्मू-कश्मीर के अधिकारों और संवैधानिक उल्लंघनों के विरोध में प्रतीकात्मक भूख हड़ताल करने की घोषणा की।
बारामुला से निर्वाचित सांसद एवं अवामी इत्तिहाद पार्टी (एआईपी) के अध्यक्ष शेख अब्दुल रशीद उर्फ इंजीनियर रशीद ने तिहाड़ जेल नंबर-1 से लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखा है।
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इसमें केंद्र सरकार पर जम्मू-कश्मीर के लोगों के सांविधानिक अधिकारों को बुलडोजर से कुचलने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने 28 नवंबर को जेल से एक दिवसीय प्रतीकात्मक भूख हड़ताल करने की घोषणा की है। एआईपी के मुख्य प्रवक्ता इनाम उन नबी ने बताया कि इंजीनियर रशीद की ओर से लिखे पत्र में उन्होंने संवैधानिक, नैतिक और राजनीतिक स्तर पर मौजूदा स्थिति की कड़ी निंदा की है। वह लिखते हैं, पूरे हिंदुस्तान के लोग उस संविधान पर फक्र करते हैं जो उनके बुजुर्गों ने दिया।
दूसरी ओर कश्मीरियों के सांविधानिक अधिकार और गारंटियां बुलडोजर से रौंदी जा रही हैं, तब यह संविधान और वी द पीपल ऑफ जम्मू-कश्मीर दोनों का मजाक उड़ाने जैसा लगता है।