केंद्र शासित जम्मू-कश्मीर और लद्दाख सुरंग पर्यटन से देश विदेश के पर्यटकों को आकर्षित कर अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करेंगे। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में वर्तमान में दस से ज्यादा सुरंगों का निर्माण जारी है। वहीं, लद्दाख में एशिया की सबसे लंबी हाईवे टनल का निर्माण तेजी से जारी है, जिसकी लंबाई करीब 14.2 किलोमीटर है।
केंद्र सरकार ने जोजिला टनल के करीब जोजिला पास और कश्मीर के जेड मोड़ के बीच स्विट्जरलैंड के दाबोस की तरह विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल विकसित करने की योजना तैयार की है। करीब 18 किलोमीटर के स्थल पर खूबसूरत नजारों के साथ शीतकालीन खेलों की भी सुविधा होगी।
जोजिला टनल के करीब का यह इलाका खूबसूरती से परिपूर्ण है। उल्लेखनीय है कि जोजिला टनल का निर्माण पूरा होने के बाद लद्दाख पूरे साल देश के अन्य हिस्सों के साथ सड़क मार्ग से जुड़ा रहेगा। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार देश में बन रही कुल राजमार्ग सुरंगों में से आधी जम्मू कश्मीर में बन रही हैं।
पंथेयाल में सुरंग बनकर तैयार
जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर 9.2 किलोमीटर लंबी डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी टनल और साढ़े आठ किलोमीटर लंबी बनिहाल-काजीगुंड टनल को देखने के लिए पर्यटक बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। इसके अलावा जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर नंदिनी और जवाहर सुरंग भी हैं। पंथेयाल में भी सुरंग का निर्माण पूरा हो चुका है। वहीं, कैफेटेरिया मोड़ पर भी दो सुरंगों का निर्माण प्रस्तावित है। इसके अलावा बनी बसोहली को डोडा जिले से जोड़ने के लिए छत्तरगलां सुरंग, लद्दाख में जेड मोड़ टनल का निर्माण भी प्रस्तावित है। पीर पंजाल रेलवे टनल भी है। जम्मू रिंग रोड पर भी दो सुरंगों का निर्माण प्रस्तावित है।
लद्दाख में निर्माणाधीन जोजिला टनल के पास स्विट्जरलैंड जैसा विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल विकसित करने की योजना है। जम्मू कश्मीर और लद्दाख में तीव्र विकास जारी है और इससे दोनों केंद्र शासित प्रदेशों की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। -डॉ. जितेंद्र सिंह, केंद्रीय मंत्री।