श्रीनगर। गुपकार गठबंधन (पीएजीडी) ने कहा है कि केंद्र की भाजपा सरकार संसद में किए गए वायदे को पूरा करते हुए जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा वापस बहाल करे। संसद में दिए बयान का सम्मान करने के बाद ही चुनाव करवाए जाएं। गुपकार गठबंधन के प्रवक्ता और सीपीआई (एम) नेता एमवाई तारिगामी ने कहा कि पीएजीडी ने फैसला लिया है कि जम्मू-कश्मीर के राज्य दर्जे के लिए प्रदेश के अन्य दलों से बात की जाएगी। इसके बाद ही इस मुद्दे पर पीएजीडी संयुक्त स्टैंड लेगा।
दिल्ली में सर्वदलीय बैठक के बाद पहली बार हुई पीएजीडी की बैठक में हुई चर्चा पर गठबंधन ने कहा है कि अभी तक उस बैठक से कुछ हासिल होता नजर नहीं आ रहा। दमनकारी माहौल अभी भी जारी है। जम्मू-कश्मीर के बंदी बनाए गए नेताओं की रिहाई जैसे विश्वास बहाली के कदम भी नहीं उठाए गए हैं। परिसीमन आयोग के प्रदेश दौरे से दो दिन पूर्व रविवार को पीएजीडी की आपात बैठक बुलाई गई। सोमवार को गठबंधन प्रवक्ता ने कहा कि पीएम के साथ बैठक के कोई परिणाम नजर नहीं आ रहे हैं। राजनीतिक नेताओं समेत अन्य बंदी बनाए गए कश्मीरियाें को अभी तक नहीं छोड़ा गया है। जम्मू-कश्मीर के नेताओं के साथ पीएम की बैठक के बावजूद अभी तक विश्वास बहाली को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। जम्मू-कश्मीर के लोगाें तक पहुंचने के लिए केंद्र ने विश्वास बहाली के लिए कदम उठाने चाहिए थे, जो कहीं नजर नहीं आ रहे। तारिगामी ने कहा कि नई दिल्ली के पास अवसर था कि जेलों में बंद नेताओं को रिहा कर माहौल को बेहतर किया जाता। वर्ष 2019 में जो दमनकारी माहौल बनाया गया, उससे जम्मू-कश्मीर अभी तक उबर नहीं पाया है। वहीं, रविवार को नेशनल कांफ्रेंस अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला की अध्यक्षता में उनके निवास पर पीएजीडी की बैठक की गई। इसमें गठबंधन की उपाध्यक्ष महबूबा मुफ्ती, मोहम्मद यूसुफ तारिगामी, नेकां नेता हसनैन मसूदी, पीपुल्स मूवमेंट अध्यक्ष जावेद मुस्तफा मीर और अवामी नेशनल कांफ्रेंस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मुजफ्फर अहमद शाह शामिल रहे।
पांच अगस्त 2019 के पहले की स्थितियां बहाल होने तक संघर्ष
गुपकार गठबंधन के प्रवक्ता ने कहा कि गठबंधन पांच अगस्त 2019 के पहले की स्थितियां बहाल करने के लिए संकल्पबद्ध है। इसके लिए सांविधानिक, कानूनी और राजनीतिक स्तर पर संघर्ष को जारी रखा जाएगा। जम्मू-कश्मीर के हक बहाल हाने तक पीएजीडी का संघर्ष रुकेगा नहीं।
यह दल हैं पीएजीडी में
नेशनल कांफ्रेंस, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी, सीपीएम, सीपीआई, अवामी नेशनल कांफ्रेंस और जम्मू-कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट